हदीस
Para imam memimpin shalat, jika imam benar, maka imam dan makmum mendapatkan bagian pahalanya. Namun bila imam salah, makmum tetap mendapatkan pahala dan imam mendapatkan dosa
Imam Ahmad : 8309حَدَّثَنَا حَسَنُ بْنُ مُوسَى حَدَّثَنَا عَبْدُ الرَّحْمَنِ بْنُ عَبْدِ اللَّهِ بْنِ دِينَارٍ الْمَدِينِيُّ عَنْ زَيْدِ بْنِ أَسْلَمَ عَنْ عَطَاءِ بْنِ يَسَارٍ عَنْ أَبِي هُرَيْرَةَ قَالَ قَالَ رَسُولُ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ يُصَلُّونَ بِكُمْ فَإِنْ أَصَابُوا فَلَكُمْ وَلَهُمْ وَإِنْ أَخْطَئُوا فَلَكُمْ وَعَلَيْهِمْ
हमनी के बतवले बा [हसन बिन मूसा] हमनी के बतवले बाड़े [अब्दुररहमान बिन अब्दुल्लाह बिन दिनार अल मदीनी] से [जैद बिन असलम] से ['अथो` बिन यासर] से [अबू हुरैरा] से उ कहले; रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम कहले कि, 'उ लोग - इमाम - रउआ संगे नमाज पढ़ाई, अगर उ लोग सही बाड़े त आपके नमाज के इनाम मिली अवुरी उनुका नमाज के इनाम मिली, अवुरी जदी उ लोग गलत बाड़े त आपके नमाज के इनाम मिली अवुरी उनुका नमाज के इनाम मिली'।