प्रतिनिधि हदीस
इमाम बुखारी : 682
حَدَّثَنَا مُعَاذُ بْنُ أَسَدٍ قَالَ أَخْبَرَنَا الْفَضْلُ بْنُ مُوسَى قَالَ أَخْبَرَنَا سَعِيدُ بْنُ عُبَيْدٍ الطَّائِيُّ عَنْ بُشَيْرِ بْنِ يَسَارٍ الْأَنْصَارِيِّ عَنْ أَنَسِ بْنِ مَالِكٍأَنَّهُ قَدِمَ الْمَدِينَةَ فَقِيلَ لَهُ مَا أَنْكَرْتَ مِنَّا مُنْذُ يَوْمِ عَهِدْتَ رَسُولَ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ قَالَ مَا أَنْكَرْتُ شَيْئًا إِلَّا أَنَّكُمْ لَا تُقِيمُونَ الصُّفُوفَوَقَالَ عُقْبَةُ بْنُ عُبَيْدٍ عَنْ بُشَيْرِ بْنِ يَسَارٍ قَدِمَ عَلَيْنَا أَنَسُ بْنُ مَالِكٍ الْمَدِينَةَ بِهَذَا
हमसे कहा है [मुअज़्ज़ बिन असद] ने, हमसे कहा है [अल फ़दल बिन मूसा] ने, हमसे कहा है [सईद बिन उबैद अथ थाई] ने [बुसयैर बिन यासर अल अंसारी] से [अनस बिन मलिक] से, कि वह मदीना आए, फिर उनसे पूछा गया, "क्या हमारे कामों में से कोई ऐसी बात है जिसे तुम झुठलाते हो, जब से तुम अल्लाह के रसूल सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम के साथ रहते थे?" अनस बिन मलिक ने जवाब दिया, "मैं तुमसे कोई बात झुठलाता नहीं, सिवाय इसके कि तुम नमाज़ में सफ़ों को सीधा न करो।" ['उक़बाह बिन उबैद] ने [बुसयैर बिन यासर] से कहा कि [अनस बिन मलिक] मदीना में हमारे पास आए, जैसा कि यह रिवायत है।"