प्रतिनिधि हदीस
इमाम बुखारी : 883
حَدَّثَنَا عَبْدُ اللَّهِ بْنُ مَسْلَمَةَ عَنْ مَالِكٍ عَنْ أَبِي الزِّنَادِ عَنْ الْأَعْرَجِ عَنْ أَبِي هُرَيْرَةَأَنَّ رَسُولَ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ ذَكَرَ يَوْمَ الْجُمُعَةِ فَقَالَ فِيهِ سَاعَةٌ لَا يُوَافِقُهَا عَبْدٌ مُسْلِمٌ وَهُوَ قَائِمٌ يُصَلِّي يَسْأَلُ اللَّهَ تَعَالَى شَيْئًا إِلَّا أَعْطَاهُ إِيَّاهُ وَأَشَارَ بِيَدِهِ يُقَلِّلُهَا
हमें [अब्दुल्ला बिन मसलमा] ने [मलिक] से [अबू अज़ ज़िनाद] से [अल अराज] से [अबू हुरैरा] से बताया है कि अल्लाह के रसूल (सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम) ने शुक्रवार के बारे में बात की थी। उन्होंने कहा: "शुक्रवार को एक समय होता है जब एक मुसलमान बंदा नमाज़ नहीं पढ़ता है और फिर वह ठीक उसी समय नमाज़ पढ़ता है लेकिन अल्लाह उसकी नमाज़ कबूल करेगा।" फिर उन्होंने अपने हाथ से इशारा किया जो कम से कम उस पल की ओर इशारा करता है।"
समर्थक हदीस :
इमाम अहमद : 6854, 7175, 7363, 7441, 7489, 7490, 7771, 8839, 8871, 9512, 9688, 9844, 9911, 9950, 10055, 10060, 11198, 13835, 14017, 14219, 22665, 22675
इमाम बुखारी : 883, 4884, 5921
इमाम मुस्लिम : 1406, 1407, 1408
इमाम तिर्मिदज़ी : 452
इमाम नसाई : 1414, 1415
इमाम इब्नु माजा : 1127, 1128
इमाम मलिक : 221
इमाम दरिमी : 1523