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इस्लाम अल-हक़: क़ुरआन और हदीस
(सच्चा इस्लाम)



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हदीस खोज परिणाम :
कुल हदीस : 1
प्रतिनिधि हदीस
इमाम बुखारी : 530

حَدَّثَنَا أَبُو مَعْمَرٍ هُوَ عَبْدُ اللَّهِ بْنُ عَمْرٍو قَالَ حَدَّثَنَا عَبْدُ الْوَارِثِ عَنْ الْحُسَيْنِ قَالَ حَدَّثَنَا عَبْدُ اللَّهِ بْنُ بُرَيْدَةَ قَالَ حَدَّثَنِي عَبْدُ اللَّهِ بْنُ مُغَفَّلٍ الْمُزَنِيُّأَنَّ النَّبِيَّ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ قَالَ لَا تَغْلِبَنَّكُمْ الْأَعْرَابُ عَلَى اسْمِ صَلَاتِكُمْ الْمَغْرِبِ قَالَ الْأَعْرَابُ وَتَقُولُ هِيَ الْعِشَاءُ

हमें [अबू म'मार] - यानी 'अब्दुल्ला बिन 'अमरू- ने बताया, हमें ['अब्दुल वारित्स] ने [अल हुसैन] से कहा, हमें बताया ['अब्दुल्ला बिन बुरैदा] ने कहा, मुझे ['अब्दुल्ला बिन मुगफ़फ़ल अल मुज़ानी] बताया, कि पैगंबर सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम ने कहा: "अपनी शाम की नमाज़ को नाम देने (नमाज़ अदा करने) में बद्दूओं से हार मत मानो।" 'अब्दुल्ला बिन मुगफ़फ़ल अल मुज़ानी ने कहा, "बद्दू मग़रिब को 'ईशा' कहते हैं (क्योंकि वे मग़रिब के कार्यान्वयन को 'ईशा' के समय तक स्थगित करते हैं)।"

समर्थक हदीस :

इमाम अहमद : 4344, 4459, 4854, 6032, 9228, 9282, 19644
इमाम बुखारी : 530
इमाम मुस्लिम : 1018, 1019
इमाम अबू दाऊद : 4332
इमाम नसाई : 538, 539
इमाम इब्नु माजा : 696, 697