प्रतिनिधि हदीस
इमाम बुखारी : 1037
حَدَّثَنَا يَحْيَى بْنُ سُلَيْمَانَ قَالَ حَدَّثَنِي ابْنُ وَهْبٍ قَالَ حَدَّثَنِي عُمَرُ بْنُ مُحَمَّدٍ أَنَّ حَفْصَ بْنَ عَاصِمٍ حَدَّثَهُ قَالَ سَافَرَ ابْنُ عُمَرَ رَضِيَ اللَّهُ عَنْهُمَا فَقَالَصَحِبْتُ النَّبِيَّ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ فَلَمْ أَرَهُ يُسَبِّحُ فِي السَّفَرِ وَقَالَ اللَّهُ جَلَّ ذِكْرُهُ{ لَقَدْ كَانَ لَكُمْ فِي رَسُولِ اللَّهِ إِسْوَةٌ حَسَنَةٌ }
हमसे कहा है [याह्या बिन सुलेमान] ने कहा, मुझसे कहा है [इब्न वहब] ने कहा, मुझसे कहा है [उमर बिन मुहम्मद] कि [हफ़्श बिन आशिम] ने उनसे कहा; "[इब्न उमर रदियल्लाहु अन्हुमा] एक सफ़र पर गए और कहा: "मैं एक बार पैगंबर सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम के साथ था और मैंने उन्हें उनकी यात्रा में सुन्नत की नमाज़ पढ़ते नहीं देखा"। और अल्लाह सुब्हानहु वता'आला ने कहा है: "सच में अल्लाह के रसूल (सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम) में तुम्हारे लिए एक अच्छा रोल मॉडल है।" (QS. अहज़ाब 21)।