हदीस
Kewajiban menaati aturan negara selama tidak bertentangan dengan syariat: Tidak ada ketaatan kepada makhluk dalam hal maksiat kepada Sang Pencipta
Imam Nasa'i : 4134أَخْبَرَنَا مُحَمَّدُ بْنُ الْمُثَنَّى وَمُحَمَّدُ بْنُ بَشَّارٍ قَالَا حَدَّثَنَا مُحَمَّدٌ قَالَ حَدَّثَنَا شُعْبَةُ عَنْ زُبَيْدٍ الْإِيَامِيِّ عَنْ سَعْدِ بْنِ عُبَيْدَةَ عَنْ أَبِي عَبْدِ الرَّحْمَنِ عَنْ عَلِيٍّأَنَّ رَسُولَ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ بَعَثَ جَيْشًا وَأَمَّرَ عَلَيْهِمْ رَجُلًا فَأَوْقَدَ نَارًا فَقَالَ ادْخُلُوهَا فَأَرَادَ نَاسٌ أَنْ يَدْخُلُوهَا وَقَالَ الْآخَرُونَ إِنَّمَا فَرَرْنَا مِنْهَا فَذَكَرُوا ذَلِكَ لِرَسُولِ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ فَقَالَ لِلَّذِينَ أَرَادُوا أَنْ يَدْخُلُوهَا لَوْ دَخَلْتُمُوهَا لَمْ تَزَالُوا فِيهَا إِلَى يَوْمِ الْقِيَامَةِ وَقَالَ لِلْآخَرِينَ خَيْرًا وَقَالَ أَبُو مُوسَى فِي حَدِيثِهِ قَوْلًا حَسَنًا وَقَالَ لَا طَاعَةَ فِي مَعْصِيَةِ اللَّهِ إِنَّمَا الطَّاعَةُ فِي الْمَعْرُوفِ
हमनी के [मुहम्मद बिन अल मुत्सन्ना] अवुरी [मुहम्मद बिन बस्स्यार] के जानकारी देले बाड़े उ लोग कहले कि; हमनी के बतवले बाड़े [मुहम्मद] हमनी के [स्यूबाह] से [जुबैद अल इयामी] से [स’द बिन उबैदा] से [अबू अब्दुररहमान] से [अली] से बतवले बाड़े कि नबी सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम सैनिक भेजले बाड़े अवुरी केहु के उनुकर नेता नियुक्त कईले बाड़े। तब ऊ आदमी आग जरा के कहलस; ओकरा में जा, तब कुछ लोग बा जे ओकरा में घुसल चाहत बा जबकि कुछ लोग कहत बा; सचमुच हमनी के आग से भागत बानी जा। तब उ लोग एकर जिक्र अल्लाह के रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम से कईले, फिर उ लोग से कहले कि जे लोग एकरा में घुसल चाहत रहे: 'अगर आप लोग एकरा में घुसब त आप लोग कयामत के दिन तक एकरा में रहब'। आ ऊ दोसरा लोग पर दयालुता कहले. अबू मूसा अपना हदीस में कहले बाड़न कि; बढ़िया बात बा। उ कहले कि, 'अल्लाह के आज्ञा ना माने में कवनो आज्ञाकारिता नईखे, असल में आज्ञाकारिता सिर्फ निमन चीज़ में होखेला'।