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इस्लाम अल-हक़: क़ुरआन और हदीस
(सच्चा इस्लाम)



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हदीस खोज परिणाम :
कुल हदीस : 1
प्रतिनिधि हदीस
इमाम बुखारी : 41

حَدَّثَنَا مُحَمَّدُ بْنُ الْمُثَنَّى حَدَّثَنَا يَحْيَى عَنْ هِشَامٍ قَالَ أَخْبَرَنِي أَبِي عَنْ عَائِشَةَأَنَّ النَّبِيَّ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ دَخَلَ عَلَيْهَا وَعِنْدَهَا امْرَأَةٌ قَالَ مَنْ هَذِهِ قَالَتْ فُلَانَةُ تَذْكُرُ مِنْ صَلَاتِهَا قَالَ مَهْ عَلَيْكُمْ بِمَا تُطِيقُونَ فَوَاللَّهِ لَا يَمَلُّ اللَّهُ حَتَّى تَمَلُّوا وَكَانَ أَحَبَّ الدِّينِ إِلَيْهِ مَادَامَ عَلَيْهِ صَاحِبُهُ

हमें बताया है [मुहम्मद बिन अल मुत्सन्ना] ने, हमें बताया है [याह्या] ने [हिशाम] से कहा, [मेरे पिता] ने मुझे [आयशा] से बताया कि पैगंबर सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम उनके पास आए और उनके साथ एक और औरत थी, फिर पैगंबर सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम ने पूछा: "यह कौन है?" आयशा ने जवाब दिया: "फुलाना", फिर उसकी प्रार्थना के बारे में बताया। तो पैगंबर सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम ने कहा: "अल्लाह के लिए जो तुम बर्दाश्त नहीं कर सकते उसे छोड़ दो, अल्लाह तब तक बोर नहीं होगा जब तक तुम खुद बोर न हो जाओ, और जो धर्म उसे सबसे ज़्यादा पसंद है वह वह है जो हमेशा रेगुलर और लगातार किया जाता है।"

समर्थक हदीस :

इमाम अहमद : 8245, 22915, 22994, 23059, 23111, 23186, 23399, 23819, 24153, 24260, 24382, 24451, 24590, 24755, 24772, 24845, 24882, 24901, 24928, 25274, 25493
इमाम बुखारी : 41, 1083, 1834, 5413, 5984
इमाम मुस्लिम : 1302, 1303, 1305, 1307, 1308, 1958
इमाम अबू दाऊद : 1161
इमाम नसाई : 754, 1624
इमाम इब्नु माजा : 4228, 4230, 4231
इमाम मलिक : 240