इस्लाम स्वीकार करें, यहाँ क्लिक करें
इस्लाम अल-हक़: क़ुरआन और हदीस
(सच्चा इस्लाम)



-

हदीस खोज परिणाम :
कुल हदीस : 1
प्रतिनिधि हदीस
इमाम इब्नु माजा : 986

حَدَّثَنَا أَبُو بَكْرِ بْنُ أَبِي شَيْبَةَ حَدَّثَنَا يَزِيدُ بْنُ هَارُونَ أَنْبَأَنَا هِشَامٌ الدَّسْتُوَائِيُّ عَنْ يَحْيَى بْنِ أَبِي كَثِيرٍ عَنْ مُحَمَّدِ بْنِ إِبْرَاهِيمَ عَنْ خَالِدِ بْنِ مَعْدَانَ عَنْ عِرْبَاضِ بْنِ سَارِيَةَأَنَّ رَسُولَ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ كَانَ يَسْتَغْفِرُ لِلصَّفِّ الْمُقَدَّمِ ثَلَاثًا وَلِلثَّانِي مَرَّةً

हमसे कहा है [अबू बक्र बिन अबू सय्यबा] ने, हमसे कहा है [यज़ीद बिन हारून] ने, हमसे कहा है [हिस्यम अद दस्तुवाई] [याह्या बिन अबू कत्सिर] से [मुहम्मद बिन इब्राहीम] से [खालिद बिन मादान] से [इरबदल बिन सरीया] ने कहा, "अल्लाह के रसूल (सल्लल्लाहू अलैहि वसल्लम) ने पहली पंक्तियों में वालों के लिए तीन बार और दूसरी पंक्ति में एक बार क्षमा मांगी।"

समर्थक हदीस :

इमाम अहमद : 16518, 16523
इमाम इब्नु माजा : 986
इमाम दरिमी : 1237