प्रतिनिधि हदीस
इमाम बुखारी : 1027
حَدَّثَنَا أَبُو نُعَيْمٍ قَالَ حَدَّثَنَا سُفْيَانُ عَنْ مُحَمَّدِ بْنِ الْمُنْكَدِرِ وَإِبْرَاهِيمَ بْنِ مَيْسَرَةَ عَنْ أَنَسِ بْنِ مَالِكٍ رَضِيَ اللَّهُ عَنْهُ قَالَصَلَّيْتُ الظُّهْرَ مَعَ النَّبِيِّ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ بِالْمَدِينَةِ أَرْبَعًا وَبِذِي الْحُلَيْفَةِ رَكْعَتَيْنِ
हमें बताया गया है कि [अबू नुआईम] ने कहा, हमें बताया गया है कि [सुफ़यान] ने [मुहम्मद बिन अल मुनकादिर] से और [इब्राहिम बिन मैसरा] ने [अनस बिन मलिक, अल्लाह उन पर प्रसन्न हो] से कहा: "मैंने मदीना में पैगंबर सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम के साथ ज़ुहूर की नमाज़ चार रकात पढ़ी, जबकि ज़ुल हुलैफ़ा में यह दो रकात थी।"