प्रतिनिधि हदीस
इमाम बुखारी : 4183
حَدَّثَنَا عَبْدُ اللَّهِ بْنُ مَسْلَمَةَ حَدَّثَنَا يَزِيدُ بْنُ إِبْرَاهِيمَ التُّسْتَرِيُّ عَنْ ابْنِ أَبِي مُلَيْكَةَ عَنْ الْقَاسِمِ بْنِ مُحَمَّدٍ عَنْ عَائِشَةَ رَضِيَ اللَّهُ عَنْهَا قَالَتْتَلَا رَسُولُ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ هَذِهِ الْآيَةَ{ هُوَ الَّذِي أَنْزَلَ عَلَيْكَ الْكِتَابَ مِنْهُ آيَاتٌ مُحْكَمَاتٌ هُنَّ أُمُّ الْكِتَابِ وَأُخَرُ مُتَشَابِهَاتٌ فَأَمَّا الَّذِينَ فِي قُلُوبِهِمْ زَيْغٌ فَيَتَّبِعُونَ مَا تَشَابَهَ مِنْهُ ابْتِغَاءَ الْفِتْنَةِ وَابْتِغَاءَ تَأْوِيلِهِ وَمَا يَعْلَمُ تَأْوِيلَهُ إِلَّا اللَّهُ وَالرَّاسِخُونَ فِي الْعِلْمِ يَقُولُونَ آمَنَّا بِهِ كُلٌّ مِنْ عِنْدِ رَبِّنَا وَمَا يَذَّكَّرُ إِلَّا أُولُو الْأَلْبَابِ }قَالَتْ قَالَ رَسُولُ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ فَإِذَا رَأَيْتِ الَّذِينَ يَتَّبِعُونَ مَا تَشَابَهَ مِنْهُ فَأُولَئِكِ الَّذِينَ سَمَّى اللَّهُ فَاحْذَرُوهُمْ
हमसे कहा है [अब्दुल्ला बिन मसलमा] हमसे कहा है [यज़ीद बिन इब्राहीम अत तुस्तारी] हमसे कहा है [इब्न अबू अव्वलह] से [अल कासिम बिन मुहम्मद] से [ऐस्या रदलिअल्लाहु अन्हा] उन्होंने कहा; रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम यह आयत पढ़ें; "वही है जिसने तुम पर किताब (अल कुरान) उतारी। इसकी (सामग्री) में कुछ आयतें हैं जो मुहकमाअत हैं, ये अल कुरान की मुख्य सामग्री हैं और अन्य (आयतें) मुतस्याबिहात हैं। रहे वे लोग जिनके दिल गुमराही की ओर झुके हुए हैं, फिर वे इसकी तावील की तलाश में बदनामी करने के लिए इसमें से कुछ मुतस्याबिहात आयतों का अनुसरण करते हैं, यद्यपि अल्लाह के अलावा कोई भी इसकी तावील नहीं जानता। और जो लोग गहरे ज्ञान वाले हैं उन्होंने कहा: "हम अपने रब की ओर से पूरे कुरान पर विश्वास करते हैं। और इसे कोई नहीं सीख सकता सिवाय उनके जिनके पास समझ हो (अली इमरान: 7)।