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इस्लाम अल-हक़: क़ुरआन और हदीस
(सच्चा इस्लाम)



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हदीस खोज परिणाम :
कुल हदीस : 1
प्रतिनिधि हदीस
इमाम बुखारी : 2453

حَدَّثَنَا مُحَمَّدُ بْنُ كَثِيرٍ أَخْبَرَنَا سُفْيَانُ عَنْ أَشْعَثَ بْنِ أَبِي الشَّعْثَاءِ عَنْ أَبِيهِ عَنْ مَسْرُوقٍ أَنَّ عَائِشَةَ رَضِيَ اللَّهُ عَنْهَا قَالَتْدَخَلَ عَلَيَّ النَّبِيُّ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ وَعِنْدِي رَجُلٌ قَالَ يَا عَائِشَةُ مَنْ هَذَا قُلْتُ أَخِي مِنْ الرَّضَاعَةِ قَالَ يَا عَائِشَةُ انْظُرْنَ مَنْ إِخْوَانُكُنَّ فَإِنَّمَا الرَّضَاعَةُ مِنْ الْمَجَاعَةِتَابَعَهُ ابْنُ مَهْدِيٍّ عَنْ سُفْيَانَ

हमें [मुहम्मद बिन कसीर] ने [सुफ़यान] को [अशथ बिन अबी असी-स्याना] से [अपने पिता] [मसरुक] से बताया है कि ['आइस्या रदलिल्लाहु अन्हा] ने कहा: "पैगंबर सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम मुझसे मिले और उस समय मेरे पास एक नौजवान था। उन्होंने पूछा: "ए आइस्या, यह व्यक्ति कौन है?" मैंने उत्तर दिया: "वह मेरा भाई है।" उन्होंने कहा: "ए आइस्या, देखो कि तुम्हारे भाई कौन हैं, क्योंकि यह इसलिए है क्योंकि [इब्न महदी] ने भी इसे [सुफ़यान] से वर्णित किया है।

समर्थक हदीस :

इमाम अहमद : 23491, 23922, 24248, 24608
इमाम बुखारी : 2453, 4712
इमाम मुस्लिम : 2642
इमाम अबू दाऊद : 1762
इमाम नसाई : 3260
इमाम दरिमी : 2156