प्रतिनिधि हदीस
इमाम अबू दाऊद : 1855
حَدَّثَنَا إِسْحَقُ بْنُ إِسْمَعِيلَ الطَّالَقَانِيُّ حَدَّثَنَا سُفْيَانُ عَنْ ابْنِ أَبِي نَجِيحٍ عَنْ مُجَاهِدٍ عَنْ قَزَعَةَ عَنْ أَبِي سَعِيدٍذُكِرَ ذَلِكَ عِنْدَ النَّبِيِّ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ يَعْنِي الْعَزْلَ قَالَ فَلِمَ يَفْعَلُ أَحَدُكُمْ وَلَمْ يَقُلْ فَلَا يَفْعَلْ أَحَدُكُمْ فَإِنَّهُ لَيْسَتْ مِنْ نَفْسٍ مَخْلُوقَةٍ إِلَّا اللَّهُ خَالِقُهَاقَالَ أَبُو دَاوُد قَزَعَةُ مَوْلَى زِيَادٍ
यह हमें [इस्हाक बिन इस्माईल अथ थलाकानी] बताया गया है, यह हमें [सुफ़यान] [इब्न अबू नजीह] से [मुजाहिद] से [क़ज़ाह] से [अबू सईद] से बताया गया है, यह अल्लाह के रसूल सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम के सामने 'अज़्ल (गर्भाशय के बाहर वीर्य निकालना)' के तौर पर बताया गया है, फिर उन्होंने कहा: "तुम में से कोई ऐसा क्यों करता है - इसके बजाय कि कहें: "तुम में से कोई ऐसा न करे" - "असल में कोई भी आत्मा तब तक नहीं बनाई गई जब तक अल्लाह ने उसे न बनाया हो।" अबू दाऊद ने कहा; क़ज़ाह ज़ियाद का पहले का गुलाम था।