प्रतिनिधि हदीस
इमाम बुखारी : 168
حَدَّثَنَا إِسْحَاقُ أَخْبَرَنَا عَبْدُ الصَّمَدِ حَدَّثَنَا عَبْدُ الرَّحْمَنِ بْنُ عَبْدِ اللَّهِ بْنِ دِينَارٍ سَمِعْتُ أَبِي عَنْ أَبِي صَالِحٍ عَنْ أَبِي هُرَيْرَةَعَنْ النَّبِيِّ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ أَنَّ رَجُلًا رَأَى كَلْبًا يَأْكُلُ الثَّرَى مِنْ الْعَطَشِ فَأَخَذَ الرَّجُلُ خُفَّهُ فَجَعَلَ يَغْرِفُ لَهُ بِهِ حَتَّى أَرْوَاهُ فَشَكَرَ اللَّهُ لَهُ فَأَدْخَلَهُ الْجَنَّةَوَقَالَ أَحْمَدُ بْنُ شَبِيبٍ حَدَّثَنَا أَبِي عَنْ يُونُسَ عَنْ ابْنِ شِهَابٍ قَالَ حَدَّثَنِي حَمْزَةُ بْنُ عَبْدِ اللَّهِ عَنْ أَبِيهِ قَالَ كَانَتْ الْكِلَابُ تَبُولُ وَتُقْبِلُ وَتُدْبِرُ فِي الْمَسْجِدِ فِي زَمَانِ رَسُولِ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ فَلَمْ يَكُونُوا يَرُشُّونَ شَيْئًا مِنْ ذَلِكَ
हमें बताया है [इस्हाक] ने हमें बताया है ['अब्दुश शमद] ने हमें बताया है ['अब्दुर्रहमान बिन' अब्दुल्लाह बिन दिनार] मैंने [मेरे पिता] [अबू सलेह] से [अबू हुरैरा] से पैगंबर सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम से सुना, कि एक आदमी था जिसने एक कुत्ते को प्यास के कारण ज़मीन चाटते देखा, फिर उस आदमी ने अपना जूता लिया और उसमें पानी भरा और फिर कुत्ते ने तब तक पिया जब तक उसका पेट भर नहीं गया। तब अल्लाह ने उसका शुक्रिया अदा किया और उसे जन्नत में दाखिल किया।" [अहमद बिन स्याबीब] ने कहा, हमें [मेरे पिता] ने [यूनुस] से बताया था [इब्न शिहाब] ने कहा, मुझे [हमज़ा बिन 'अब्दुल्ला] ने [अपने पिता] से बताया था, कि पैगंबर सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम के समय में कई कुत्ते थे जो मस्जिद में पेशाब और शौच करते थे, लेकिन साथी उन्हें कुछ भी नहीं पिलाते थे।