प्रतिनिधि हदीस
इमाम बुखारी : 1490
حَدَّثَنَا أَحْمَدُ حَدَّثَنَا أَبِي حَدَّثَنَا إِبْرَاهِيمُ عَنْ الْحَجَّاجِ بْنِ حَجَّاجٍ عَنْ قَتَادَةَ عَنْ عَبْدِ اللَّهِ بْنِ أَبِي عُتْبَةَ عَنْ أَبِي سَعِيدٍ الْخُدْرِيِّ رَضِيَ اللَّهُ عَنْهُعَنْ النَّبِيِّ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ قَالَ لَيُحَجَّنَّ الْبَيْتُ وَلَيُعْتَمَرَنَّ بَعْدَ خُرُوجِ يَأْجُوجَ وَمَأْجُوجَتَابَعَهُ أَبَانُ وَعِمْرَانُ عَنْ قَتَادَةَ وَقَالَ عَبْدُ الرَّحْمَنِ عَنْ شُعْبَةَ قَالَ لَا تَقُومُ السَّاعَةُ حَتَّى لَا يُحَجَّ الْبَيْتُ وَالْأَوَّلُ أَكْثَرُ سَمِعَ قَتَادَةُ عَبْدَ اللَّهِ وَعَبْدُ اللَّهِ أَبَا سَعِيدٍ
हमें बताया है [अहमद] ने हमें बताया है [मेरे पिता] ने हमें बताया है [इब्राहिम] [अल हज्जाज बिन हज्जाज] से [क़तादा] से ['अब्दुल्ला बिन अबू उतबा] से [अबू सईद अल खुदरी रदियल्लाहु अन्हु] से पैगंबर सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम ने कहा: "निश्चित रूप से ऐसे लोग होंगे जो गोग और मागोग के निकलने के बाद बैतुल्लह (काबा) में हज और उमरा करेंगे।" इस हदीस की पुष्टि [अबान] और ['इमरान] ने [क़तादा] से की और कहा, ['अब्दुर्रहमान] ने [स्यू'बा] से कहा: "जब तक कोई बैतुल्लह (काबा) की तीर्थ यात्रा नहीं करेगा तब तक क़ियामत का कोई दिन नहीं होगा।" हदीस का पहला बदलाव जो क़तादाह ने ज़्यादातर अब्दुल्ला से सुना और अब्दुल्ला ने इसे अबू सईद अल खुदरी से सुना।