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Hilang amanah urusan diserahkan kepada bukan ahlinya
Imam Bukhari : 57حَدَّثَنَا مُحَمَّدُ بْنُ سِنَانٍ قَالَ حَدَّثَنَا فُلَيْحٌ ح و حَدَّثَنِي إِبْرَاهِيمُ بْنُ الْمُنْذِرِ قَالَ حَدَّثَنَا مُحَمَّدُ بْنُ فُلَيْحٍ قَالَ حَدَّثَنِي أَبِي قَالَ حَدَّثَنِي هِلَالُ بْنُ عَلِيٍّ عَنْ عَطَاءِ بْنِ يَسَارٍ عَنْ أَبِي هُرَيْرَةَ قَالَبَيْنَمَا النَّبِيُّ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ فِي مَجْلِسٍ يُحَدِّثُ الْقَوْمَ جَاءَهُ أَعْرَابِيٌّ فَقَالَ مَتَى السَّاعَةُ فَمَضَى رَسُولُ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ يُحَدِّثُ فَقَالَ بَعْضُ الْقَوْمِ سَمِعَ مَا قَالَ فَكَرِهَ مَا قَالَ وَقَالَ بَعْضُهُمْ بَلْ لَمْ يَسْمَعْ حَتَّى إِذَا قَضَى حَدِيثَهُ قَالَ أَيْنَ أُرَاهُ السَّائِلُ عَنْ السَّاعَةِ قَالَ هَا أَنَا يَا رَسُولَ اللَّهِ قَالَ فَإِذَا ضُيِّعَتْ الْأَمَانَةُ فَانْتَظِرْ السَّاعَةَ قَالَ كَيْفَ إِضَاعَتُهَا قَالَ إِذَا وُسِّدَ الْأَمْرُ إِلَى غَيْرِ أَهْلِهِ فَانْتَظِرْ السَّاعَةَ
म्हानै बतायो है [मुहम्मद बिन सिनान] कह्यो, म्हानै बतायो है [फुलैह]। अर एक समान हदीस दूजा तरीका सूं भी सुणी गई है, यानी म्हानै बतायो गयो है [इब्राहिम बिन अल मुंडजीर] कह्यो, म्हानै बतायो गयो है [मुहम्मद बिन फुलैह] कह्यो, म्हानै बतायो गयो है [म्हारा पिता] कह्यो, आ बात म्हानै [हिलाल बिन अली] सूं [अथो' बिन यासर] सूं [अबुलाहुल्लाह] सूं बताई गई है। 'अलेहि वसल्लम एक बैठक रै मांय एक लोगां री चर्चा कर रिया हा, अचाणचक एक बेडौइन अरब आयो अर पूछ्यो: 'कयामत कद आवैला?' हालांकि, पैगम्बर सल्लल्लाह अलैहि वसल्लम आपरी बात जारी राखी। इण बीच, केई लोग कैवे है; 'उणरी बात सुणी पण उणरी बात उणनै चोखी कोनी लागी,' अर केई लोग भी कैवै है; 'कि बां कांई कैयो बो नीं सुण्यो'। जद तांई कै आखिरकार पैगम्बर सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम आपरी बात नै समाप्त करता थका कैयो: 'कियामत रै दिन री बात पूछण आळा मिनख कठै है?' वो आदमी बोल्यो: 'मैं, हे अल्लाह रा रसूल!'। तो पैगम्बर सल्लल्लाह अलैहि वसल्लम कह्यो: 'अगर भरोसो खत्म होग्यो तो दुनिया रै अंत री प्रतीक्षा करो'। उण मिनख पूछ्यो: 'जनादेश कियां गायब हुयो?' पैगम्बर सल्लल्लाह अलैहि वसल्लम जवाब दियो: 'अगर मामला विशेषज्ञां माथै नीं छोड़ दियो जावै तो आपां दुनिया रै अंत री उडीक करस्यां'।