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इस्लाम अल-हक़: क़ुरआन और हदीस
(सच्चा इस्लाम)



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हदीस खोज परिणाम :
कुल हदीस : 1
प्रतिनिधि हदीस
इमाम बुखारी : 1677

حَدَّثَنَا عَبْدُ اللَّهِ بْنُ مَسْلَمَةَ حَدَّثَنَا مَالِكٌ عَنْ سُمَيٍّ عَنْ أَبِي صَالِحٍ عَنْ أَبِي هُرَيْرَةَ رَضِيَ اللَّهُ عَنْهُعَنْ النَّبِيِّ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ قَالَ السَّفَرُ قِطْعَةٌ مِنْ الْعَذَابِ يَمْنَعُ أَحَدَكُمْ طَعَامَهُ وَشَرَابَهُ وَنَوْمَهُ فَإِذَا قَضَى نَهْمَتَهُ فَلْيُعَجِّلْ إِلَى أَهْلِهِ

हमें बताया गया है ['अब्दुल्ला बिन मसलमा] ने हमें [मलिक] ने [सुमय्या] से [अबू शालीह] से [अबू हुरैरा रदियल्लाहु अन्हु] से बताया है कि पैगंबर सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम ने कहा: "यात्रा (सफ़र) यातना का हिस्सा है, जो तुमसे किसी को खाने, पीने और सोने से रोकता है। इसलिए जब वह अपना काम खत्म कर ले, तो उसे तुरंत अपने परिवार के पास लौट जाना चाहिए।"

समर्थक हदीस :

इमाम अहमद : 6927, 9363, 10041
इमाम बुखारी : 1677, 2779, 5009
इमाम मुस्लिम : 3554
इमाम इब्नु माजा : 2873
इमाम मलिक : 1552
इमाम दरिमी : 2554, 3406