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इस्लाम अल-हक़: क़ुरआन और हदीस
(सच्चा इस्लाम)



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हदीस खोज परिणाम :
कुल हदीस : 1
प्रतिनिधि हदीस
इमाम बुखारी : 1494

حَدَّثَنَا مُحَمَّدُ بْنُ كَثِيرٍ أَخْبَرَنَا سُفْيَانُ عَنْ الْأَعْمَشِ عَنْ إِبْرَاهِيمَ عَنْ عَابِسِ بْنِ رَبِيعَةَ عَنْ عُمَرَ رَضِيَ اللَّهُ عَنْهُأَنَّهُ جَاءَ إِلَى الْحَجَرِ الْأَسْوَدِ فَقَبَّلَهُ فَقَالَ إِنِّي أَعْلَمُ أَنَّكَ حَجَرٌ لَا تَضُرُّ وَلَا تَنْفَعُ وَلَوْلَا أَنِّي رَأَيْتُ النَّبِيَّ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ يُقَبِّلُكَ مَا قَبَّلْتُكَ

[मुहम्मद बिन कसीर] ने हमें [सुफियान] [अल अमाश] से [इब्राहिम] से ['अबीस बिन रबी'आ] से ['उमर रदलिल्लाहु अन्हु] से बताया है कि वह हजर अल असवद के पास आए और उसे चूमा और फिर कहा: "वास्तव में मुझे पता है कि तुम बस एक पत्थर हो जो न तो नुकसान पहुंचा सकता है और न ही लाभ। लेकिन अगर ऐसा न होता कि मैंने पैगंबर सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम को तुम्हें चूमते हुए देखा है, तो मैंने निश्चित रूप से तुम्हें चूमा नहीं होता।"

समर्थक हदीस :

इमाम अहमद : 95, 171, 220, 223, 263, 307, 357, 358, 359
इमाम बुखारी : 1494, 1502, 1506
इमाम मुस्लिम : 2228, 2229, 2230, 2231, 2232
इमाम अबू दाऊद : 1597
इमाम तिर्मिदज़ी : 788
इमाम नसाई : 2887, 2888, 2889
इमाम इब्नु माजा : 2934
इमाम मलिक : 720
इमाम दरिमी : 1790, 1791