प्रतिनिधि हदीस
इमाम अबू दाऊद : 4082
حَدَّثَنَا الْقَعْنَبِيُّ حَدَّثَنَا الْمُعْتَمِرُ عَنْ أَبِيهِ عَنْ رَقَبَةَ بْنِ مَصْقَلَةَ عَنْ أَبِي إِسْحَقَ عَنْ سَعِيدِ بْنِ جُبَيْرٍ عَنْ ابْنِ عَبَّاسٍ عَنْ أُبَيِّ بْنِ كَعْبٍ قَالَقَالَ رَسُولُ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ الْغُلَامُ الَّذِي قَتَلَهُ الْخَضِرُ طُبِعَ كَافِرًا وَلَوْ عَاشَ لَأَرْهَقَ أَبَوَيْهِ طُغْيَانًا وَكُفْرًا
हमसे वर्णित है [अल का'नबी] ने कहा, हमसे वर्णित है [अल मुअत्तमिर] ने [अपने पिता] से [रकबा बिन मश्कला] से [अबू इसहाक] से [सईद बिन जुबैर] से [इब्न अब्बास] से [उबै बिन का'ब] से उन्होंने कहा, "अल्लाह के रसूल (सल्लल्लाहू अलैहि वसल्लम) ने कहा: "जिस छोटे बच्चे को खिज़िर ने मार डाला था, वह काफ़िर बनने के लिए किस्मत में था, अगर वह जीवित रहा, तो वह अपने माता-पिता के साथ अन्याय करेगा और काफ़िर बन जाएगा।"