Hadith Representative
Kemudian wahyu berhenti turun kepadaku pada masa tertentu
Imam Tirmidzi : 3248حَدَّثَنَا عَبْدُ بْنُ حُمَيْدٍ أَخْبَرَنَا عَبْدُ الرَّزَّاقِ حَدَّثَنَا مَعْمَرٌ عَنْ الزُّهْرِيِّ عَنْ أَبِي سَلَمَةَ عَنْ جَابِرِ بْنِ عَبْدِ اللَّهِ قَالَسَمِعْتُ رَسُولَ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ وَهُوَ يُحَدِّثُ عَنْ فَتْرَةِ الْوَحْيِ فَقَالَ فِي حَدِيثِهِ بَيْنَمَا أَنَا أَمْشِي سَمِعْتُ صَوْتًا مِنْ السَّمَاءِ فَرَفَعْتُ رَأْسِي فَإِذَا الْمَلَكُ الَّذِي جَاءَنِي بِحِرَاءَ جَالِسٌ عَلَى كُرْسِيٍّ بَيْنَ السَّمَاءِ وَالْأَرْضِ فَجُثِثْتُ مِنْهُ رُعْبًا فَرَجَعْتُ فَقُلْتُ زَمِّلُونِي زَمِّلُونِي فَدَثَّرُونِي فَأَنْزَلَ اللَّهُ عَزَّ وَجَلَّ{ يَا أَيُّهَا الْمُدَّثِّرُ قُمْ فَأَنْذِرْ إِلَى قَوْلِهِ وَالرُّجْزَ فَاهْجُرْ }قَبْلَ أَنْ تُفْرَضَ الصَّلَاةُقَالَ أَبُو عِيسَى هَذَا حَدِيثٌ حَسَنٌ صَحِيحٌ وَقَدْ رَوَاهُ يَحْيَى بْنُ أَبِي كَثِيرٍ عَنْ أَبِي سَلَمَةَ بْنِ عَبْدِ الرَّحْمَنِ عَنْ جَابِرٍ وَأَبُو سَلَمَةَ اسْمُهُ عَبْدُ اللَّهِ
हमरा सब के कहलक अछि [अब्दु बिन हुमैद] हमरा सब के कहलक अछि [अब्दुर रज्जाक] हमरा सब के [मा'मर] के [अज जुहरी] स [अबू सलामाह] स [जाबिर बिन अब्दुल्लाह] स कहलक अछि, ओ कहलनि; रसुलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम के तखन सुनलियैन जखन ओ ओहि दूरी के बारे में कहैत छलाह जे कतय दूर स वही आयल छल। अपन हदीस मे ओ कहलनि; चलैत काल आकाश सँ आवाज सुनलहुँ तखन माथ उठौलहुँ आ पता चलल जे हिरा गुफा मे रहैत एकटा परी हमरा लग आयल छलाह, ओ स्वर्ग आ पृथ्वीक बीच कुर्सी पर बैसल छलाह | तखन हम हुनका डरसँ चौंक गेलहुँ, तखन हम घुरि कऽ कहलियनि; हमरा झाँपि दियौक, झाँपि दियौक तखन ओ सभ हमरा झाँपि दैत छथि। तखन अल्लाह अज्जा वजल्ला आयत उतारलनि: हे जे जमा करैत छी -उनकर वचन मे अपना केँ ढकैत छी: आ पाप करैत छी, ओकरा छोड़ि दियौक -QS। अल्मुदत्ससिर १-५-, ई फर्ज नमाज सँ पहिने होइत अछि | अबू ईसा कहलनि; ई हदीस एकटा प्रामाणिक हसन हदीस अछि। आरू ई [याह्या बिन अबू कत्सिर] द्वारा [जबीर] स॑ [अबू सलामाह बिन अब्दुर रहमान] स॑ रिवायत करलऽ गेलऽ छै, जबकि अबू सलामा केरऽ नाम अब्दुल्ला छेलै ।