प्रतिनिधि हदीस
इमाम अबू दाऊद : 4117
حَدَّثَنَا مُسَدَّدٌ حَدَّثَنَا مُعْتَمِرٌ قَالَ سَمِعْتُ أَبِي قَالَ حَدَّثَنَا أَسْلَمُ عَنْ بِشْرِ بْنِ شَغَافٍ عَنْ عَبْدِ اللَّهِ بْنِ عَمْرٍوعَنْ النَّبِيِّ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ قَالَ الصُّورُ قَرْنٌ يُنْفَخُ فِيهِ
हमें बताया है [मुसद्दद] ने कहा, हमें बताया है [मुअतमिर] ने कहा; मैंने [अपने पिता] को कहते सुना; हमें [असलम] ने [बिसिर बिन स्यागफ़] से [अब्दुल्ला बिन अमरू] से पैगंबर सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम से बताया है, उन्होंने कहा: "अश शूर एक तुरही है जिसे बजाया जाता है।"