Hadith Representative
Malaikat jibril mengabarkan ada umat sebanyak 70.000 orang yang masuk surga tanpa hisab dan tanpa adzab
Imam Muslim : 323حَدَّثَنَا سَعِيدُ بْنُ مَنْصُورٍ حَدَّثَنَا هُشَيْمٌ أَخْبَرَنَا حُصَيْنُ بْنُ عَبْدِ الرَّحْمَنِ قَالَ كُنْتُ عِنْدَ سَعِيدِ بْنِ جُبَيْرٍ فَقَالَ أَيُّكُمْ رَأَى الْكَوْكَبَ الَّذِي انْقَضَّ الْبَارِحَةَ قُلْتُ أَنَا ثُمَّ قُلْتُ أَمَا إِنِّي لَمْ أَكُنْ فِي صَلَاةٍ وَلَكِنِّي لُدِغْتُ قَالَ فَمَاذَا صَنَعْتَ قُلْتُ اسْتَرْقَيْتُ قَالَ فَمَا حَمَلَكَ عَلَى ذَلِكَ قُلْتُ حَدِيثٌ حَدَّثَنَاهُ الشَّعْبِيُّ فَقَالَ وَمَا حَدَّثَكُمْ الشَّعْبِيُّ قُلْتُ حَدَّثَنَا عَنْ بُرَيْدَةَ بْنِ حُصَيْبٍ الْأَسْلَمِيِّ أَنَّهُ قَالَ لَا رُقْيَةَ إِلَّا مِنْ عَيْنٍ أَوْ حُمَةٍ فَقَالَ قَدْ أَحْسَنَ مَنْ انْتَهَى إِلَى مَا سَمِعَ وَلَكِنْ حَدَّثَنَا ابْنُ عَبَّاسٍ عَنْ النَّبِيِّ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ قَالَ عُرِضَتْ عَلَيَّ الْأُمَمُ فَرَأَيْتُ النَّبِيَّ وَمَعَهُ الرُّهَيْطُ وَالنَّبِيَّ وَمَعَهُ الرَّجُلُ وَالرَّجُلَانِ وَالنَّبِيَّ لَيْسَ مَعَهُ أَحَدٌ إِذْ رُفِعَ لِي سَوَادٌ عَظِيمٌ فَظَنَنْتُ أَنَّهُمْ أُمَّتِي فَقِيلَ لِي هَذَا مُوسَى صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ وَقَوْمُهُ وَلَكِنْ انْظُرْ إِلَى الْأُفُقِ فَنَظَرْتُ فَإِذَا سَوَادٌ عَظِيمٌ فَقِيلَ لِي انْظُرْ إِلَى الْأُفُقِ الْآخَرِ فَإِذَا سَوَادٌ عَظِيمٌ فَقِيلَ لِي هَذِهِ أُمَّتُكَ وَمَعَهُمْ سَبْعُونَ أَلْفًا يَدْخُلُونَ الْجَنَّةَ بِغَيْرِ حِسَابٍ وَلَا عَذَابٍ ثُمَّ نَهَضَ فَدَخَلَ مَنْزِلَهُ فَخَاضَ النَّاسُ فِي أُولَئِكَ الَّذِينَ يَدْخُلُونَ الْجَنَّةَ بِغَيْرِ حِسَابٍ وَلَا عَذَابٍ فَقَالَ بَعْضُهُمْ فَلَعَلَّهُمْ الَّذِينَ صَحِبُوا رَسُولَ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ وَقَالَ بَعْضُهُمْ فَلَعَلَّهُمْ الَّذِينَ وُلِدُوا فِي الْإِسْلَامِ وَلَمْ يُشْرِكُوا بِاللَّهِ وَذَكَرُوا أَشْيَاءَ فَخَرَجَ عَلَيْهِمْ رَسُولُ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ فَقَالَ مَا الَّذِي تَخُوضُونَ فِيهِ فَأَخْبَرُوهُ فَقَالَ هُمْ الَّذِينَ لَا يَرْقُونَ وَلَا يَسْتَرْقُونَ وَلَا يَتَطَيَّرُونَ وَعَلَى رَبِّهِمْ يَتَوَكَّلُونَ فَقَامَ عُكَّاشَةُ بْنُ مِحْصَنٍ فَقَالَ ادْعُ اللَّهَ أَنْ يَجْعَلَنِي مِنْهُمْ فَقَالَ أَنْتَ مِنْهُمْ ثُمَّ قَامَ رَجُلٌ آخَرُ فَقَالَ ادْعُ اللَّهَ أَنْ يَجْعَلَنِي مِنْهُمْ فَقَالَ سَبَقَكَ بِهَا عُكَّاشَةُ حَدَّثَنَا أَبُو بَكْرِ بْنُ أَبِي شَيْبَةَ حَدَّثَنَا مُحَمَّدُ بْنُ فُضَيْلٍ عَنْ حُصَيْنٍ عَنْ سَعِيدِ بْنِ جُبَيْرٍ حَدَّثَنَا ابْنُ عَبَّاسٍ قَالَ قَالَ رَسُولُ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ عُرِضَتْ عَلَيَّ الْأُمَمُ ثُمَّ ذَكَرَ بَاقِيَ الْحَدِيثِ نَحْوَ حَدِيثِ هُشَيْمٍ وَلَمْ يَذْكُرْ أَوَّلَ حَدِيثِهِ
सानु दस्सेया है [सैद बिन मंसूर] ने सानु दस्सेया है [हुशैम] ने सानु दस्सेया है [हुशैन बिन अब्दुररहमान] उसने आख्या, 'मैं [सैद बिन जुबैर] दे नाल सी फिर उसने आख्या, 'तुहाडे विचों किस ने कल रात शूटिंग स्टार वेख्या? ' मैं जवाब दित्ता, 'मैं हां'। फिरी मैं आख्या, 'पर मैं प्रार्थना च शामल नेईं होई सकेआ, कीजे मिगी इक जानवर ने डंग मारेया हा।' सईद ने फिर कहा, 'फिर तुस की करदे हो? ' मैं जवाब दित्ता, 'मैं रुक्याह मंगदा हां'। सईद ने ऩूछा, 'तुभें ऐवा क्मा कयने रगा? ' मैं जवाब दित्ता, '[ऐश-शा'बी] ने रिवायत इक हदीस'। सईद ने ऩूयी तयह से ऩूछा, 'ऐश-शा'बी ने तुझे क्मा कशा'। मैं जवाब दित्ता, 'उसने [बुरैदा बिन हुशैब अल-अस्लामी] तों सानू दस्सेया है, कि उन्हां ने आख्या है, 'जब तक ऐन ते गर्मी -जहर-जहर दे कारण नहीं होवे, कोई रुक्याह नहीं है।' तो सईद ने जवाब दित्ता, 'लोगों ने जो सुनेया है उस हिसाब नाल अंजाम देना अच्छा होया है, पर [इब्न अब्बास] ने नबी सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम तों सानु दस्सेया है, उन्हां ने आख्या: 'मैं अल्लाह ने इंसान दे कई समूहां नू दिखाया है।' मैं फिरी इक नबी गी दिक्खेया जिसदे कन्ने लोकें दा इक समूह हा, इक नबी बी हा जिंदे च सिर्फ इक-दो आदमी हे, ते इक नबी बी हा, जिंदे च कोई अनुयायी नेईं हा। अचानक मिगी लोकें दा इक समूह दस्सेआ गेआ। फिरी मैं सोचेया के ओह मेरे लोकें दे न। पर मिगी आखेआ गेआ हा जे ओह् नबी मूसा अलैहिस्सलम ते उंदे लोक न। पर क्षितिज गी दिक्खो'। फिर मैं वेख्या, पता लग्गा कि इक व्यस्त ग्रुप है। फिर भेये ऩास ऩूयी तयह से कशा गमा, 'दूसये क्षितिज को दे खें'। पता चलया कि उथे इक व्यस्त ग्रुप बी हा। मेडे नाल आख्या गया कि ए तुआडा लोग हे अते उन्हां दे नाल सत्तर हजार लोग वी हन जो बिना सजा या तड़पाये स्वर्ग विच दाखल होसेन''। फिर रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम उठ के अपने घर चली गे। लोक उनें लोकें दे बारे च चर्चा करदे आए न जेह्ड़े बिना कुसै न्याय ते यातनाएं दे स्वर्ग च दाखल होंगन। फिर कुछ ने कहा, 'शायद ओह ओह लोग हन जो हमेशा नबी सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम दे नाल सन। ऐसे वी हन जो कहंदे हन कि शायद ओ लोग हन जो इस्लाम विच पैदा होए हन अते कदे वी अल्लाह दे खिलाफ शिर्क नहीं कीता। उन्होनें अपनी अपनी राय व्यक्त की। उस वक्त नबी सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम उन्हां नाल मिलन लई बाहर आए, फिर उसने पुच्छया: 'तुस की चर्चा कीती है?' उने हालात बी दस्सेआ। तो नबी सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम ने आख्या: 'ओह ऐसे लोग हन जो रुकिया दा इस्तेमाल नहीं करदे, रुक्याह नहीं मंगदे, बुरी गल्लां दी भविष्यवाणी नहीं करदे ते सिर्फ अल्लाह ते ही भरोसा करदे हन'। उक्कस्याह बिन मिहशान ने खड़े होकर कहा, 'अल्लाह दी दुआ करो तां जे मैं उन्हां विचों हो सकां'। नबी सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम ने आख्या: 'तुस उन्हां विचों हो'। फिर इक होर आदमी खड़ा हो के आख्या, 'अल्लाह दी दुआ करो कि मैं उन्हां विचों हो सकां'। रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम ने आख्या: 'उक्कास्याह तुहाडे तों पहलां हो चुकी है'। सानु दस्सेया है [अबू बकर बिन अबू स्याइबा] ने सानु दस्सेया है [मुहम्मद बिन फुदलैल] ने [हुसैन] से [सईद बिन जुबैर] से सानु दस्सेया है [इब्नु अब्बास] उसने कहा, 'रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम ने आख्या: 'मेरे कोल इक लोग दिखाया गया... फिर उन्हां ने इन्हां हदीस विचों कुछ जिक्र कीता जिवें हुसैम दी हदीस, ते उने हदीस दी शुरुआत दा जिक्र नहीं कीता'।