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इस्लाम अल-हक़: क़ुरआन और हदीस
(सच्चा इस्लाम)



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हदीस खोज परिणाम :
कुल हदीस : 1
प्रतिनिधि हदीस
इमाम बुखारी : 491

حَدَّثَنَا عَبْدُ اللَّهِ بْنُ مَسْلَمَةَ قَالَ قَرَأْتُ عَلَى مَالِكٍ عَنْ ابْنِ شِهَابٍ أَنَّ عُمَرَ بْنَ عَبْدِ الْعَزِيزِ أَخَّرَ الصَّلَاةَ يَوْمًا فَدَخَلَ عَلَيْهِ عُرْوَةُ بْنُ الزُّبَيْرِ فَأَخْبَرَهُ أَنَّ الْمُغِيرَةَ بْنَ شُعْبَةَ أَخَّرَ الصَّلَاةَ يَوْمًا وَهُوَ بِالْعِرَاقِ فَدَخَلَ عَلَيْهِ أَبُو مَسْعُودٍ الْأَنْصَارِيُّفَقَالَ مَا هَذَا يَا مُغِيرَةُ أَلَيْسَ قَدْ عَلِمْتَ أَنَّ جِبْرِيلَ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ نَزَلَ فَصَلَّى فَصَلَّى رَسُولُ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ ثُمَّ صَلَّى فَصَلَّى رَسُولُ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ ثُمَّ صَلَّى فَصَلَّى رَسُولُ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ ثُمَّ صَلَّى فَصَلَّى رَسُولُ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ ثُمَّ صَلَّى فَصَلَّى رَسُولُ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ ثُمَّ قَالَ بِهَذَا أُمِرْتُفَقَالَ عُمَرُ لِعُرْوَةَ اعْلَمْ مَا تُحَدِّثُ أَوَأَنَّ جِبْرِيلَ هُوَ أَقَامَ لِرَسُولِ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ وَقْتَ الصَّلَاةِ قَالَ عُرْوَةُ كَذَلِكَ كَانَ بَشِيرُ بْنُ أَبِي مَسْعُودٍ يُحَدِّثُ عَنْ أَبِيهِ قَالَ عُرْوَةُ وَلَقَدْ حَدَّثَتْنِي عَائِشَةُ أَنَّ رَسُولَ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ كَانَ يُصَلِّي الْعَصْرَ وَالشَّمْسُ فِي حُجْرَتِهَا قَبْلَ أَنْ تَظْهَرَ

हमें बताया गया है कि [अब्दुल्ला बिन मसलमा] ने कहा; मैंने [मलिक] के सामने [इब्न शिहाब] से पढ़ा कि 'उमर बिन 'अब्दुल 'अज़ीज़ ने एक दिन नमाज़ खत्म की। फिर ['उरवाह बिन अज़ ज़ुबैर] उनसे मिलने आए और उन्हें बताया कि अल मुगीरा बिन स्यूबा ने भी एक दिन अपनी नमाज़ खत्म की थी, और उस समय वह 'इराक' में रह रहे थे। फिर [अबू मसूद अल अंसारी] उसके पास आए और कहा, "ऐ अल मुगीरा, तुम क्या कर रहे हो? क्या तुम्हें नहीं पता कि एक बार फरिश्ता जिब्रील सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम नीचे आए और नमाज़ पढ़ी, फिर रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम ने भी नमाज़ पढ़ी? फिर जिब्रील ने फिर नमाज़ पढ़ी और रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम ने भी दोबारा नमाज़ पढ़ी? फिर जिब्रील ने फिर नमाज़ पढ़ी और रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम ने भी दोबारा नमाज़ पढ़ी? फिर क्या जिब्रील ने फिर नमाज़ पढ़ी और रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम ने भी दोबारा नमाज़ पढ़ी? दरअसल, जिब्रील अल्लाह के रसूल (सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम) को नमाज़ का समय समझाने आए थे। उरवाह ने कहा, "ऐसा ही है। [बशीर बिन अबू मसूद] ने [अपने पिता] से बताया। उरवाह ने कहा, "[आयशा] ने मुझे बताया कि अल्लाह के रसूल (सल्लल्लाहू अलैहि वसल्लम) ने अस्र की नमाज़ तब पढ़ी जब उनके कमरे में सूरज की रोशनी अभी तक नहीं आई थी।"

समर्थक हदीस :

इमाम अहमद : 2920, 3151, 10819, 14011, 16469, 21321
इमाम बुखारी : 491, 2982, 3706
इमाम मुस्लिम : 959, 960
इमाम अबू दाऊद : 332, 333
इमाम तिर्मिदज़ी : 138
इमाम नसाई : 490, 498, 510, 523
इमाम इब्नु माजा : 660
इमाम मलिक : 1
इमाम दरिमी : 1162