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इस्लाम अल-हक़: क़ुरआन और हदीस
(सच्चा इस्लाम)



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हदीस खोज परिणाम :
कुल हदीस : 1
प्रतिनिधि हदीस
इमाम बुखारी : 522

حَدَّثَنَا عَبْدُ اللَّهِ بْنُ يُوسُفَ قَالَ حَدَّثَنَا مَالِكٌ عَنْ أَبِي الزِّنَادِ عَنْ الْأَعْرَجِ عَنْ أَبِي هُرَيْرَةَأَنَّ رَسُولَ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ قَالَ يَتَعَاقَبُونَ فِيكُمْ مَلَائِكَةٌ بِاللَّيْلِ وَمَلَائِكَةٌ بِالنَّهَارِ وَيَجْتَمِعُونَ فِي صَلَاةِ الْفَجْرِ وَصَلَاةِ الْعَصْرِ ثُمَّ يَعْرُجُ الَّذِينَ بَاتُوا فِيكُمْ فَيَسْأَلُهُمْ وَهُوَ أَعْلَمُ بِهِمْ كَيْفَ تَرَكْتُمْ عِبَادِي فَيَقُولُونَ تَرَكْنَاهُمْ وَهُمْ يُصَلُّونَ وَأَتَيْنَاهُمْ وَهُمْ يُصَلُّونَ

हमें ['अब्दुल्ला बिन यूसुफ] ने बताया है, हमें [मलिक] [अबू अज़ ज़िनद] से [अल अरज] से [अबू हुरैरा] से बताया गया है, कि अल्लाह के रसूल सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम ने कहा: "रात के फ़रिश्ते और दिन के फ़रिश्ते बारी-बारी से तुम्हारे पास आते हैं। और वे फ़ज्र (फॉन) और 'असर' की नमाज़ों में इकट्ठा होते हैं। फिर जो फ़रिश्ता तुम्हारी रक्षा करता है वह ऊपर जाता है जब तक कि अल्लाह तआला उनसे नहीं पूछता, और अल्लाह उनकी (अपने बन्दों की) हालत को बेहतर जानता है, 'तुमने मेरे बन्दों को किस हालत में छोड़ दिया?' फ़रिश्तों ने जवाब दिया, 'हमने उन्हें नमाज़ पढ़ते हुए छोड़ दिया था। इसी तरह, जब हम उनके पास पहुँचे, तो वे नमाज़ पढ़ रहे थे।'

समर्थक हदीस :

इमाम अहमद : 7117, 7178, 8787, 9918
इमाम बुखारी : 522, 2984, 6878, 6932
इमाम मुस्लिम : 1001
इमाम मलिक : 373