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इस्लाम अल-हक: कुरआन आ हदीस
(सच्चा इस्लाम)



- Allah Sifat zat Allah Sifat tersakiti bagi Allah Barangsiapa yang mencela, membenci dan menyakiti sahabat telah menyakiti Allah

हदीस :
हदीस : 1
हदीस
Barangsiapa yang mencela, membenci dan menyakiti sahabat telah menyakiti Allah
Imam Tirmidzi : 3797

حَدَّثَنَا مُحَمَّدُ بْنُ يَحْيَى حَدَّثَنَا يَعْقُوبُ بْنُ إِبْرَاهِيمَ بْنِ سَعْدٍ حَدَّثَنَا عَبِيدَةُ بْنُ أَبِي رَائِطَةَ عَنْ عَبْدِ الرَّحْمَنِ بْنِ زِيَادٍ عَنْ عَبْدِ اللَّهِ بْنِ مُغَفَّلٍ قَالَقَالَ رَسُولُ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ اللَّهَ اللَّهَ فِي أَصْحَابِي اللَّهَ اللَّهَ فِي أَصْحَابِي لَا تَتَّخِذُوهُمْ غَرَضًا بَعْدِي فَمَنْ أَحَبَّهُمْ فَبِحُبِّي أَحَبَّهُمْ وَمَنْ أَبْغَضَهُمْ فَبِبُغْضِي أَبْغَضَهُمْ وَمَنْ آذَاهُمْ فَقَدْ آذَانِي وَمَنْ آذَانِي فَقَدْ آذَى اللَّهَ وَمَنْ آذَى اللَّهَ يُوشِكُ أَنْ يَأْخُذَهُقَالَ أَبُو عِيسَى هَذَا حَدِيثٌ حَسَنٌ غَرِيبٌ لَا نَعْرِفُهُ إِلَّا مِنْ هَذَا الْوَجْهِ

हमनी के बतवले बाड़े [मुहम्मद बिन याह्या] हमनी के बतवले बाड़े [या'कुब बिन इब्राहिम बिन स'द] हमनी के बतवले बाड़े [अबीदा बिन अबू र`इथाह] से [अब्दुररहमान बिन जियाद] से [अब्दुल्लाह बिन मुगफ़ल] से उ कहले बाड़े; रसुलुल्लाह शल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम कहले कि, 'अल्लाह से डेराईं, हमरा दोस्तन के हक के लेके अल्लाह से डेराईं, ओ लोग के निशाना मत बनाईं - अपमान अवुरी अपमान में - हमरा मौत के बाद, जे ओ लोग से प्यार करी, फिर हमरा प्यार से, हम ओ लोग से भी प्यार करतानी, अवुरी जेकरा से नफरत बा, ओकरा बाद हमरा नफरत से, हम ओ लोग से भी नफरत करतानी - जे दोस्त से नफरत करता -, जे ओ लोग के चोट पहुंचावेला, सचमुच उ हमरा के चोट पहुंचवले बा, जे केहु के हमरा के चोट पहुंचावे के मतलब बा कि उ अल्लाह के चोट पहुंचवले बा, जे अल्लाह के दुख पहुंचावेला, अल्लाह ओकरा के लगभग यातना दे रहल बाड़े'। अबू ईसा कहले कि; 'ई हदीस हसन घरीब हदीस ह, हमनी के एकरा के ए रास्ता से छोड़ के नईखी जानत'।

हदीस :

Imam Ahmad : 19641, 19669
Imam Tirmidzi : 3797