हदीस
Allah maha penyantun, menyukai kasih sayang
Imam Ahmad : 16200قَالَ حَدَّثَنَا عَفَّانُ قَالَ حَدَّثَنَا حَمَّادُ بْنُ سَلَمَةَ قَالَ أَخْبَرَنَا يُونُسُ وَحُمَيْدٌ عَنِ الْحَسَنِ عَنْ عَبْدِ اللَّهِ بْنِ مُغَفَّلٍ عَنْ النَّبِيِّ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ قَالَ إِنَّ اللَّهَ عَزَّ وَجَلَّ رَفِيقٌ يُحِبُّ الرِّفْقَ وَيُعْطِي عَلَى الرِّفْقِ مَا لَا يُعْطِي عَلَى الْعُنْفِ
-अहमद बिन हनबल रदलियाल्लाहुअनहु- कहले; हमनी के बतवले बाड़े ['अफ्फान] कहले बाड़े; हमनी के बतवले बाड़े [हमद बिन सलामाह] कहले बाड़े; हमनी के [यूनुस] आ [हुमैद] के [अल हसन] से [अब्दुल्लाह बिन मुगफ्ल] से नबी सल्लल्लाहु अलैहिवसल्लम से रिपोर्ट कइले बाड़न जे कहले बाड़न कि ‘अल्लाह अज्जावजल्ला परम दयालु हवें, करुणा से प्यार करेलें आ विनम्र लोग के कुछ अइसन देलें जवन क्रूर लोग के ना दिहल जाला’।