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Allah mencintai orang yang berbuat kebaikan
Imam Ibnu Majah : 3979حَدَّثَنَا حَرْمَلَةُ بْنُ يَحْيَى حَدَّثَنَا عَبْدُ اللَّهِ بْنُ وَهْبٍ أَخْبَرَنِي ابْنُ لَهِيعَةَ عَنْ عِيسَى بْنِ عَبْدِ الرَّحْمَنِ عَنْ زَيْدِ بْنِ أَسْلَمَ عَنْ أَبِيهِ عَنْ عُمَرَ بْنِ الْخَطَّابِأَنَّهُ خَرَجَ يَوْمًا إِلَى مَسْجِدِ رَسُولِ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ فَوَجَدَ مُعَاذَ بْنَ جَبَلٍ قَاعِدًا عِنْدَ قَبْرِ النَّبِيِّ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ يَبْكِي فَقَالَ مَا يُبْكِيكَ قَالَ يُبْكِينِي شَيْءٌ سَمِعْتُهُ مِنْ رَسُولِ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ سَمِعْتُ رَسُولَ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ يَقُولُ إِنَّ يَسِيرَ الرِّيَاءِ شِرْكٌ وَإِنَّ مَنْ عَادَى لِلَّهِ وَلِيًّا فَقَدْ بَارَزَ اللَّهَ بِالْمُحَارَبَةِ إِنَّ اللَّهَ يُحِبُّ الْأَبْرَارَ الْأَتْقِيَاءَ الْأَخْفِيَاءَ الَّذِينَ إِذَا غَابُوا لَمْ يُفْتَقَدُوا وَإِنْ حَضَرُوا لَمْ يُدْعَوْا وَلَمْ يُعْرَفُوا قُلُوبُهُمْ مَصَابِيحُ الْهُدَى يَخْرُجُونَ مِنْ كُلِّ غَبْرَاءَ مُظْلِمَةٍ
हमरा सब के कहलक अछि [हरमलाह बिन याह्या] हमरा सब के बता देने अछि [अब्दुल्लाह बिन वहब] हमरा [इब्न लहिअह] स [ईसा बिन अब्दुररहमान] स [जैद बिन असलम] स [असलम] स [उमर बिन खत्ताब] स कहलक अछि, जे एक बेर ओ नबी सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम के मस्जिद में निकलल छल आ मुअद्ज बिन जबल स भेंट केलक जे छल नबी सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम के कब्र के किनारे बैठे हुए कानते हुए | तेँ पुछलखिन, ‘अहाँ केँ की कानय पड़ल? [मुअदज] जवाब देलखिन, 'हम रसुलुल्लाह सल्लाहु अलैहि वसल्लम स सुनल बात के कारण कानलहुं, रसूलुल्लाह सल्लाहु अलैहि वसल्लम के कहैत सुनलहुं: 'सत्ते, हल्का रिया सेहो' शिर्क मानल जाइत अछि, आ सचमुच जे अल्लाह के संत के प्रति शत्रुता रखैत अछि, ओकरा अल्लाह के संग लड़य के चुनौती देने अछि।' सचमुच, अल्लाह वू लोगऽ स॑ प्रेम करै छै जे अच्छा आरू धर्मात्मा आरू अनजान छै, यानी वू लोगऽ स॑ जेकरा जब॑ गायब होय जाय छै त॑ ओकरऽ खोज नै होय छै, आरू जब॑ प्रकट होय जाय छै त॑ ओकरा ज्ञात नै होय जाय छै, ओकरऽ दिल मार्गदर्शन के लालटेन के तरह होय जाय छै जे हर अन्हार धरती स॑ प्रकट होय छै ।