हदीस
Allah menerima shadaqah dengan tangan kanan-nya dan jiwa kami berada di tangan Allah, jika dia menghendaki niscaya akan membangunkan kami
Imam Bukhari : 1059حَدَّثَنَا أَبُو الْيَمَانِ قَالَ أَخْبَرَنَا شُعَيْبٌ عَنْ الزُّهْرِيِّ قَالَ أَخْبَرَنِي عَلِيُّ بْنُ حُسَيْنٍ أَنَّ حُسَيْنَ بْنَ عَلِيٍّ أَخْبَرَهُ أَنَّ عَلِيَّ بْنَ أَبِي طَالِبٍ أَخْبَرَهُأَنَّ رَسُولَ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ طَرَقَهُ وَفَاطِمَةَ بِنْتَ النَّبِيِّ عَلَيْهِ السَّلَام لَيْلَةً فَقَالَ أَلَا تُصَلِّيَانِ فَقُلْتُ يَا رَسُولَ اللَّهِ أَنْفُسُنَا بِيَدِ اللَّهِ فَإِذَا شَاءَ أَنْ يَبْعَثَنَا بَعَثَنَا فَانْصَرَفَ حِينَ قُلْنَا ذَلِكَ وَلَمْ يَرْجِعْ إِلَيَّ شَيْئًا ثُمَّ سَمِعْتُهُ وَهُوَ مُوَلٍّ يَضْرِبُ فَخِذَهُ وَهُوَ يَقُولُ{ وَكَانَ الْإِنْسَانُ أَكْثَرَ شَيْءٍ جَدَلًا }
हमनी के बतवले बाड़े [अबू अल यमन] कहले बाड़े, हमनी के बतवले बाड़े [स्यूअइब] से [अज जुहरी] कहले बाड़े, हमरा के बतवले बाड़े [अली बिन हुसैन] कि [हुसैन बिन अली] उनुका से कहले बाड़े कि [अली बिन अबू थोलिब रदलियाहु अनहु] उनुका से कहले रहले कि एक रात अल्लाह के रसूलुल्लाह सल्लाह अलैहि वसल्लम उनुका के जगवले अवुरी फातिमा के बेटी... नबी शल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम आ कहले कि रात के नमाज काहे ना करेनी? त हम - अली - कहनी: 'हे अल्लाह के रसूलुल्लाह, हमनी के आत्मा अल्लाह के हाथ में बा, अगर उ हमनी के जगावे के चाहत बाड़े त हमनी के भी जाग जाईब जा'। त उ शल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम जब हमनी के अयीसन कहनी त मुड़ गईले अवुरी उ एक शब्द ना बोलले। तब जाँघ पर मारत घरी जात घरी सुननी कि ऊ कहत रहले कि ‘साँचहू इंसान सबसे बहस करे वाला प्राणी ह. -क्यूएस अल कहफ: 54- के बा।
हदीस :
Imam Ahmad : 539, 667, 858, 4040, 6204, 7793, 8031, 9055, 9064, 9198, 10096, 10523, 10556, 13200, 14782, 15325, 16597, 22411
Imam Bukhari : 1059, 1321, 4316, 6801, 6862, 6869, 6911
Imam Muslim : 1294, 1659, 1684, 1685, 3406
Imam Abu Dawud : 372, 1406
Imam Tirmidzi : 597, 598, 2092, 2093, 2262, 2971
Imam Nasa'i : 1593, 1594, 2478, 3954, 5284
Imam Ibnu Majah : 193, 1832, 4090
Imam Malik : 1581
Imam Darimi : 1613