हदीस
Tekad tidak akan menyembah apa yang disembah kaum kafir
Imam Tirmidzi : 2952حَدَّثَنَا عَبْدُ بْنُ حُمَيْدٍ حَدَّثَنَا عَبْدُ الرَّحْمَنِ بْنُ سَعْدٍ عَنْ أَبِي جَعْفَرٍ الرَّازِيِّ عَنْ عَطَاءِ بْنِ السَّائِبِ عَنْ أَبِي عَبْدِ الرَّحْمَنِ السُّلَمِيِّ عَنْ عَلِيِّ بْنِ أَبِي طَالِبٍ قَالَصَنَعَ لَنَا عَبْدُ الرَّحْمَنِ بْنُ عَوْفٍ طَعَامًا فَدَعَانَا وَسَقَانَا مِنْ الْخَمْرِ فَأَخَذَتْ الْخَمْرُ مِنَّا وَحَضَرَتْ الصَّلَاةُ فَقَدَّمُونِي فَقَرَأْتُ قُلْ يَا أَيُّهَا الْكَافِرُونَ لَا أَعْبُدُ مَا تَعْبُدُونَ وَنَحْنُ نَعْبُدُ مَا تَعْبُدُونَ قَالَ فَأَنْزَلَ اللَّهُ تَعَالَى{ يَا أَيُّهَا الَّذِينَ آمَنُوا لَا تَقْرَبُوا الصَّلَاةَ وَأَنْتُمْ سُكَارَى حَتَّى تَعْلَمُوا مَا تَقُولُونَ }قَالَ أَبُو عِيسَى هَذَا حَدِيثٌ حَسَنٌ غَرِيبٌ صَحِيحٌ
[अब्द बिन हुमैद] हमनी के [अब्दुरहमान बिन सअद] से [अबू जाफर अर रजी] से [अथा` बिन अस स`इब] से [अबू अब्दुररहमान अस सुलामी] से [अली बिन अबू तालिब] से बतवले उ कहले; अब्दुररहमान बिन औफ खाना बना के हमनी के शराब परोसत रहले, जब तक कि हमनी के शराब के नशा में ना धुत्त हो गईनी जा। जब नमाज के समय आईल त उ लोग हमरा के नेता बने खातिर धक्का देले, फेर हम पाठ कईनी; कह -मुहम्मद-: हे काफिर लोग, हम जवन इबादत करीं ओकर इबादत ना करब, आ हमनी के उहे इबादत करब जवना के रउआ इबादत करब'। एकरा बाद अल्लाह इ आयत जारी कईले कि, 'हे इमानदार लोग, नशा में धुत्त होके तब तक नमाज मत करीं, जब तक कि आपके बात के समझ में ना आई'। QS अन-निसा`: 43. अबू ईसा कहले कि ई हदीस हसन सहीह घरीब ह।