इस्लाम स्वीकार करें, यहाँ क्लिक करें
इस्लाम अल-हक़: क़ुरआन और हदीस
(सच्चा इस्लाम)



-

हदीस खोज परिणाम :
कुल हदीस : 1
प्रतिनिधि हदीस
इमाम नसाई : 936

أَخْبَرَنَا عَبْدُ الرَّحْمَنِ بْنُ إِبْرَاهِيمَ دُحَيْمٌ قَالَ حَدَّثَنَا مَرْوَانُ قَالَ حَدَّثَنَا يَزِيدُ بْنُ كَيْسَانَ عَنْ أَبِي حَازِمٍ عَنْ أَبِي هُرَيْرَةَأَنَّ رَسُولَ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ قَرَأَ فِي رَكْعَتَيْ الْفَجْرِ قُلْ يَا أَيُّهَا الْكَافِرُونَ وَقُلْ هُوَ اللَّهُ أَحَدٌ

हमें [अब्दुर्रहमान बिन इब्राहिम दुहैम] बताकर उन्होंने कहा; हमें [मरवान] बताकर उन्होंने कहा; हमें [यज़ीद बिन कैसन] [अबू हाज़िम] से [अबू हुरैरा] से बताया गया है कि रसूलल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम जब सुबह की दो रकातों (सुन्नत) पर क़ुल या अय्युहल काफ़िरून (कहो, ऐ मुहम्मद, ऐ तुम जो इनकार करते हो) - यानी अलकाफ़िरून - और क़ुल हुवल्लाहु अहद (कहो, ऐ मुहम्मद कि अल्लाह एक है) - यानी इख़्लास - पढ़ते हैं।

समर्थक हदीस :

इमाम अहमद : 14813, 14814, 14815, 14816, 14817, 14819, 14820
इमाम अबू दाऊद : 4396
इमाम नसाई : 936
इमाम इब्नु माजा : 825, 1156, 1161, 1162, 1163