प्रतिनिधि हदीस
इमाम दरिमी : 810
أَخْبَرَنَا حَجَّاجُ بْنُ مِنْهَالٍ حَدَّثَنَا حَمَّادٌ عَنْ حُمَيْدٍ قَالَ قِيلَ لِبَكْرِ بْنِ عَبْدِ اللَّهِ إِنَّ الْحَجَّاجَ بْنَ يُوسُفَ يَقُولُ إِنَّ الْمُسْتَحَاضَةَ لَا يَغْشَاهَا زَوْجُهَا قَالَ بَكْرُ بْنُ عَبْدِ اللَّهِ الْمُزَنِيُّ الصَّلَاةُ أَعْظَمُ حُرْمَةً يَغْشَاهَا زَوْجُهَا
हमें बताया है [हज्जाज बिन मिनहाल] ने हमें [हम्माद] [हुमैद] से बताया है उन्होंने कहा: "एक बार बकर बिन अब्दुल्ला से कहा गया था: अल हज्जाज बिन यूसुफ ने कहा: 'एक महिला जो इस्तहाज़ा से गुजरती है उसे अपनी पत्नी के साथ यौन संबंध नहीं बनाना चाहिए', [बकर बिन अब्दुल्ला अल मुज़ानी] ने एक बार कहा: 'प्रार्थना उसके पति द्वारा उसके साथ यौन संबंध बनाने की तुलना में अधिक महिमापूर्ण है।'"