प्रतिनिधि हदीस
इमाम अबू दाऊद : 1707
حَدَّثَنَا أَحْمَدُ بْنُ حَنْبَلٍ حَدَّثَنَا عَبْدُ الرَّزَّاقِ أَخْبَرَنَا عُبَيْدُ اللَّهِ عَنْ نَافِعٍ عَنْ ابْنِ عُمَرَأَنَّ النَّبِيَّ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ أَفَاضَ يَوْمَ النَّحْرِ ثُمَّ صَلَّى الظُّهْرَ بِمِنًى يَعْنِي رَاجِعًا
हमें [अहमद बिन हंबल] बताया गया है, हमें [अब्दुर्रज्जाक] बताया गया है, हमें [उबैदुल्लाह] [नफी] से [इब्न उमर] बताया गया है कि पैगंबर सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम ने नहर के दिन तवाफ इफ़ाज़ा किया और फिर मीना में दोपहर की प्रार्थना की, जब वह अपने पास लौटने की स्थिति में थे।