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Boleh memakai pakaian biasa dan wewangian setelah tahallul
Imam Nasa'i : 2942أَخْبَرَنَا مُحَمَّدُ بْنُ عَبْدِ اللَّهِ بْنِ الْمُبَارَكِ قَالَ حَدَّثَنَا أَبُو هِشَامٍ قَالَ حَدَّثَنَا وُهَيْبُ بْنُ خَالِدٍ عَنْ مَنْصُورِ بْنِ عَبْدِ الرَّحْمَنِ عَنْ أُمِّهِ عَنْ أَسْمَاءَ بِنْتِ أَبِي بَكْرٍ قَالَتْقَدِمْنَا مَعَ رَسُولِ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ مُهِلِّينَ بِالْحَجِّ فَلَمَّا دَنَوْنَا مِنْ مَكَّةَ قَالَ رَسُولُ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ مَنْ لَمْ يَكُنْ مَعَهُ هَدْيٌ فَلْيَحْلِلْ وَمَنْ كَانَ مَعَهُ هَدْيٌ فَلْيُقِمْ عَلَى إِحْرَامِهِقَالَتْ وَكَانَ مَعَ الزُّبَيْرِ هَدْيٌ فَأَقَامَ عَلَى إِحْرَامِهِ وَلَمْ يَكُنْ مَعِي هَدْيٌ فَأَحْلَلْتُ فَلَبِسْتُ ثِيَابِي وَتَطَيَّبْتُ مِنْ طِيبِي ثُمَّ جَلَسْتُ إِلَى الزُّبَيْرِ فَقَالَ اسْتَأْخِرِي عَنِّي فَقُلْتُ أَتَخْشَى أَنْ أَثِبَ عَلَيْكَ
हमरा सब [मुहम्मद बिन अब्दुल्लाह बिन अल मुबारक] के जानकारी द क ओ कहलनि; हमरा सभ [अबू हिशाम] केँ कहि देने छथि, ओ कहलनि; हमरा सब के [वहैब बिन खालिद] के [मंसूर बिन अब्दुर रहमान] स [अपन मां] स [अस्मा` बिंत अबू बकर] स कहने छथि, ओ कहलनि; हम हज करबाक लेल तलबिया नमाज कहि रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम के संग आयल छलहुं। तखन मक्का लग पहुँचलाक बाद रसुलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम कहलनि जे जे कियो बलिदानक जानवर नहि अनत से तहल्लूल मे रहबाक चाही आ जे बलिदानक जानवर अनत से अपन इहराम मे रहबाक चाही। ऐशा बजलीह; आ अज जुबैर बलिदानक पशु अनलनि, जाहि सँ ओ अपन इहराम मे रहि गेलाह, जखन कि हम बलिदानक पशु नहि अनलहुँ, तेँ हम कहलियनि तहल्लूल तखन हमर कपड़ा पहिरि हमर इत्रक प्रयोग केलनि। तखन हम अज जुबैरक लग बैसल रही, तखन ओ कहलनि; हमरासँ हटि कऽ घुरि गेल। तेँ हम कहलियनि; अहाँ चिंतित छी जे हम अहाँ पर कूदि जायब?