हदीस
Nabi berwukuf di Namirah, lalu berkhutbah dan berdoa hingga terbenam matahari
Imam Nasa'i : 600أَخْبَرَنِي إِبْرَاهِيمُ بْنُ هَارُونَ قَالَ حَدَّثَنَا حَاتِمُ بْنُ إِسْمَعِيلَ قَالَ حَدَّثَنَا جَعْفَرُ بْنُ مُحَمَّدٍ عَنْ أَبِيهِ أَنَّ جَابِرَ بْنَ عَبْدِ اللَّهِقَالَ سَارَ رَسُولُ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ حَتَّى أَتَى عَرَفَةَ فَوَجَدَ الْقُبَّةَ قَدْ ضُرِبَتْ لَهُ بِنَمِرَةَ فَنَزَلَ بِهَا حَتَّى إِذَا زَاغَتْ الشَّمْسُ أَمَرَ بِالْقَصْوَاءِ فَرُحِلَتْ لَهُ حَتَّى إِذَا انْتَهَى إِلَى بَطْنِ الْوَادِي خَطَبَ النَّاسَ ثُمَّ أَذَّنَ بِلَالٌ ثُمَّ أَقَامَ فَصَلَّى الظُّهْرَ ثُمَّ أَقَامَ فَصَلَّى الْعَصْرَ وَلَمْ يُصَلِّ بَيْنَهُمَا شَيْئًا
हमनी के [इब्राहिम बिन हारून] के जानकारी देले बा उ कहले कि; हमनी के [हातिम बिन इस्माइल] के बता के उ कहले कि; हमनी के [जफर बिन मुहम्मद] के [उनकर पिता] से बतावल गईल बा कि [जाबिर बिन अब्दुल्लाह] कहले रहले; 'रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम अराफात तक पैदल चलले, फिर उनुका पता चलल कि नमीरा इलाका में उनुका खातिर डेरा लगावल गईल रहे, एहसे उ सूर्यास्त तक रुक गईले। उ आपन ऊंट के तुरंत जाए खातिर तैयार कईले। बाथन अल वाडी पहुंच के उ लोग के सोझा प्रचार कईले, फिर बिलाल नमाज के आह्वान कईले अवुरी झूहुर के नमाज कईले। फिर फिर इकमात आ असर के नमाज करीं। उ दुनो के बीच कवनो नमाज ना कईले'।