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इस्लाम अल-हक: कुरआन आ हदीस
(सच्चा इस्लाम)



- Haji dan Umrah Sa’i Sa’i mencerminkan ketabahan hajar dalam mencari air bagi ismail

हदीस :
हदीस : 1
हदीस
Sa’i mencerminkan ketabahan hajar dalam mencari air bagi ismail
Imam Bukhari : 1536

حَدَّثَنَا عَلِيُّ بْنُ عَبْدِ اللَّهِ حَدَّثَنَا سُفْيَانُ عَنْ عَمْرِو بْنِ دِينَارٍ قَالَ سَأَلْنَا ابْنَ عُمَرَ رَضِيَ اللَّهُ عَنْهُعَنْ رَجُلٍ طَافَ بِالْبَيْتِ فِي عُمْرَةٍ وَلَمْ يَطُفْ بَيْنَ الصَّفَا وَالْمَرْوَةِ أَيَأْتِي امْرَأَتَهُ فَقَالَ قَدِمَ النَّبِيُّ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ فَطَافَ بِالْبَيْتِ سَبْعًا وَصَلَّى خَلْفَ الْمَقَامِ رَكْعَتَيْنِ فَطَافَ بَيْنَ الصَّفَا وَالْمَرْوَةِ سَبْعًا{ لَقَدْ كَانَ لَكُمْ فِي رَسُولِ اللَّهِ أُسْوَةٌ حَسَنَةٌ }وَسَأَلْنَا جَابِرَ بْنَ عَبْدِ اللَّهِ رَضِيَ اللَّهُ عَنْهُمَا فَقَالَ لَا يَقْرَبَنَّهَا حَتَّى يَطُوفَ بَيْنَ الصَّفَا وَالْمَرْوَةِ

हमनी के बतावल गईल बा [अली बिन अब्दुल्लाह] हमनी के [सुफयान] [अमरू बिन दिनार] से बतवले बाड़े कहले बाड़े कि, 'हम एक बेर [इब्न उमर रदलियाहु अंहुमा] से एगो अयीसन आदमी के बारे में पूछले रहनी, जवन कि उमरा करत समय बैतुल्लाह काबा में तवाफ कईले रहले लेकिन अभी तक अश-शफा अवुरी अल मरवाह के पहाड़ी के बीच सईय ना कईले रहले, का उ क सकत रहले अपना पत्नी से संबंध बा?'. उ जवाब दिहले: 'नबी सल्लल्लाहु अलैहिवसल्लम एक बेर हज खातिर बैतुल्लाह में आईल रहले, बैतुल्लाह में सात बेर तवाफ कईले रहले फिर मकाम -इब्राहिम- के पीछे दु रकाअत कईले रहले फिर सफा अवुरी मरवाह के पहाड़ी के बीच सात बेर सईय कईले रहले। -'सचहूँ तोहरा खातिर रसूलुल्लाह में एगो बढ़िया रोल मॉडल बा'-। आ हमनी के [जाबिर बिन अब्दुल्लाह रदलीअल्लाहु अनहुआ] से भी एह बारे में पूछनी जा। ऊ कहले कि जबले ऊ सफा आ मरवाह के पहाड़ियन का बीच सईय ना कर लेव तबले ऊ आदमी अपना मेहरारू का लगे ना आवे.

हदीस :

Imam Bukhari : 1536, 1667
Imam Muslim : 2172
Imam Abu Dawud : 1626