हदीस
Disunnahkan mencium Hajar Aswad atau mengisyaratkan padanya
Imam Tirmidzi : 789حَدَّثَنَا قُتَيْبَةُ حَدَّثَنَا حَمَّادُ بْنُ زَيْدٍ عَنْ الزُّبَيْرِ بْنِ عَرَبِيٍّأَنَّ رَجُلًا سَأَلَ ابْنَ عُمَرَ عَنْ اسْتِلَامِ الْحَجَرِ فَقَالَ رَأَيْتُ النَّبِيَّ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ يَسْتَلِمُهُ وَيُقَبِّلُهُ فَقَالَ الرَّجُلُ أَرَأَيْتَ إِنْ غُلِبْتُ عَلَيْهِ أَرَأَيْتَ إِنْ زُوحِمْتُ فَقَالَ ابْنُ عُمَرَ اجْعَلْ أَرَأَيْتَ بِالْيَمَنِ رَأَيْتُ النَّبِيَّ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ يَسْتَلِمُهُ وَيُقَبِّلُهُقَالَ وَهَذَا هُوَ الزُّبَيْرُ بْنُ عَرَبِيٍّ رَوَى عَنْهُ حَمَّادُ بْنُ زَيْدٍ وَالزُّبَيْرُ بْنُ عَدِيٍّ كُوفِيٌّ يُكْنَى أَبَا سَلَمَةَ سَمِعَ مِنْ أَنَسِ بْنِ مَالِكٍ وَغَيْرِ وَاحِدٍ مِنْ أَصْحَابِ النَّبِيِّ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ رَوَى عَنْهُ سُفْيَانُ الثَّوْرِيُّ وَغَيْرُ وَاحِدٍ مِنْ الْأَئِمَّةِ قَالَ أَبُو عِيسَى حَدِيثُ ابْنِ عُمَرَ حَدِيثٌ حَسَنٌ صَحِيحٌ وَقَدْ رُوِيَ عَنْهُ مِنْ غَيْرِ وَجْهٍ وَالْعَمَلُ عَلَى هَذَا عِنْدَ أَهْلِ الْعِلْمِ يَسْتَحِبُّونَ تَقْبِيلَ الْحَجَرِ فَإِنْ لَمْ يُمْكِنْهُ وَلَمْ يَصِلْ إِلَيْهِ اسْتَلَمَهُ بِيَدِهِ وَقَبَّلَ يَدَهُ وَإِنْ لَمْ يَصِلْ إِلَيْهِ اسْتَقْبَلَهُ إِذَا حَاذَى بِهِ وَكَبَّرَ وَهُوَ قَوْلُ الشَّافِعِيِّ
कुतैबाह हमनी के जुबैर बिन अरब से बतवले कि एगो आदमी इब्न उमर से करिया पत्थर के छूवे के बारे में पूछले रहे। इब्न उमर जवाब दिहले, 'हम नबी (स.अ.व.) के एकरा के छूवत अवुरी चुम्मा लेत देखनी।' ऊ आदमी पूछलसि कि अगर कठिन आ भीड़ बा त रउरा का लागत बा? इब्न उमर जवाब देले कि, एकरा के अपना दाहिना हाथ से छूईं। हम देखनी कि नबी (सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम) एकरा के छूवत आ चुम्मा लेत रहले।' अबू ईसा अत-तिरमिजी कहले कि इ जुबैर बिन अरबी हवे, जेकरा से हम्मद बिन जैद हदीस बतवले बाड़े। जुबैर बिन अदी कुफा के आदमी रहले, आ उनुका के अबू सलामा के कुन्याह दिहल गइल रहे। उ अनस बिन मलिक आ अउरी लोग से हदीस नबी (सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम) के साथी लोग से सुनले रहले। सुफियन अतस थाउरी आ अउरी विद्वान लोग इनका से एगो हदीस बतवले बा। अबू ईसा कहले कि इब्न उमर के हदीस हसन सहीह हदीस ह। उनुका से इ हदीस कई चैनल के माध्यम से रिवायत भईल बा। एकर अभ्यास विद्वान लोग करेला, उ लोग ब्लैक स्टोन के चुंबन करे के सलाह देवेले। अगर संभव ना होखे त दाहिना हाथ से छू सकेला आ ओकरा बाद हाथ चुम्मा ले सकेला. अगर इहो संभव नइखे त एकर सामना कइल आ तकबीर कहल काफी बा. इ राय शफीई के कहावत ह।