प्रतिनिधि हदीस
इमाम तिर्मिदज़ी : 2516
حَدَّثَنَا عَبَّاسٌ الدُّورِيُّ الْبَغْدَادِيُّ حَدَّثَنَا يَحْيَى بْنُ أَبِي بُكَيْرٍ حَدَّثَنَا شَرِيكٌ عَنْ عَاصِمٍ هُوَ ابْنُ بَهْدَلَةَ عَنْ أَبِي صَالِحٍ عَنْ أَبِي هُرَيْرَةَعَنْ النَّبِيِّ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ قَالَ أُوقِدَ عَلَى النَّارِ أَلْفَ سَنَةٍ حَتَّى احْمَرَّتْ ثُمَّ أُوقِدَ عَلَيْهَا أَلْفَ سَنَةٍ حَتَّى ابْيَضَّتْ ثُمَّ أُوقِدَ عَلَيْهَا أَلْفَ سَنَةٍ حَتَّى اسْوَدَّتْ فَهِيَ سَوْدَاءُ مُظْلِمَةٌحَدَّثَنَا سُوَيْدٌ أَخْبَرَنَا عَبْدُ اللَّهِ بْنُ الْمُبَارَكِ عَنْ شَرِيكٍ عَنْ عَاصِمٍ عَنْ أَبِي صَالِحٍ أَوْ رَجُلٍ آخَرَ عَنْ أَبِي هُرَيْرَةَ نَحْوَهُ وَلَمْ يَرْفَعْهُ قَالَ أَبُو عِيسَى حَدِيثُ أَبِي هُرَيْرَةَ فِي هَذَا مَوْقُوفٌ أَصَحُّ وَلَا أَعْلَمُ أَحَدًا رَفَعَهُ غَيْرَ يَحْيَى بْنِ أَبِي بُكَيْرٍ عَنْ شَرِيكٍ
हमें बताया है [अब्बास अद दूरी अल बगदादी] ने हमें बताया है [याह्या बिन अबू बुकैर] ने हमें बताया है [शरीक] ['अशिम, अर्थात् इब्न बहदलाह] से [अबू सलेह] से [अबू हुरैरा] से पैगंबर सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम से, उन्होंने कहा: "जहन्नम की आग के कोयले एक हज़ार साल तक गर्म किए जाते हैं जब तक कि वे लाल न हो जाएं, फिर एक हज़ार साल तक गर्म किए जाते हैं जब तक कि वे सफेद न हो जाएं, फिर एक हज़ार साल तक गर्म किए जाते हैं जब तक कि वे काले न हो जाएं, फिर वह गहरे काले हो जाते हैं।" सुवैद ने हमें अब्दुल्ला बिन अल मुबारक को शरीक से 'अशिम से अबू सलेह या अबू हुरैरा के एक अन्य व्यक्ति से एक समान हदीस के साथ बताया है, लेकिन उन्होंने इसका अर्थ नहीं निकाला। अबू ईसा ने कहा; 'इस मामले पर अबू हुरैरा की अधिक प्रामाणिक हदीस मौक़ुफ़ हदीस है,