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इस्लाम अल-हक: कुरआन आ हदीस
(सच्चा इस्लाम)



- Kiamat, Surga dan Neraka Al-Jannah (Surga) Gelas di telaga seperti bintang di langit

हदीस :
हदीस : 1
हदीस
Gelas di telaga seperti bintang di langit
Imam Abu Dawud : 4122

حَدَّثَنَا هَنَّادُ بْنُ السَّرِيِّ حَدَّثَنَا مُحَمَّدُ بْنُ فُضَيْلٍ عَنْ الْمُخْتَارِ بْنِ فُلْفُلٍ قَالَ سَمِعْتُ أَنَسَ بْنَ مَالِكٍ يَقُولُأَغْفَى رَسُولُ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ إِغْفَاءَةً فَرَفَعَ رَأْسَهُ مُتَبَسِّمًا فَإِمَّا قَالَ لَهُمْ وَإِمَّا قَالُوا لَهُ يَا رَسُولَ اللَّهِ لِمَ ضَحِكْتَ فَقَالَ إِنَّهُ أُنْزِلَتْ عَلَيَّ آنِفًا سُورَةٌ فَقَرَأَ بِسْمِ اللَّهِ الرَّحْمَنِ الرَّحِيمِ{ إِنَّا أَعْطَيْنَاكَ الْكَوْثَرَ }حَتَّى خَتَمَهَا فَلَمَّا قَرَأَهَا قَالَ هَلْ تَدْرُونَ مَا الْكَوْثَرُ قَالُوا اللَّهُ وَرَسُولُهُ أَعْلَمُ قَالَ فَإِنَّهُ نَهْرٌ وَعَدَنِيهِ رَبِّي عَزَّ وَجَلَّ فِي الْجَنَّةِ وَعَلَيْهِ خَيْرٌ كَثِيرٌ عَلَيْهِ حَوْضٌ تَرِدُ عَلَيْهِ أُمَّتِي يَوْمَ الْقِيَامَةِ آنِيَتُهُ عَدَدُ الْكَوَاكِبِ

हमनी के बतवले बाड़े [हन्नाद बिन अस साड़ी] कहले बाड़े, बता देले बाड़े [मुहम्मद बिन फुदैल] से [अल मुख्तार बिन फुलफुल] उ कहले बाड़े; हम [अनस बिन मलिक] के कहत सुननी कि रसुलुल्लाह शल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम कुछ देर खातिर नींद आ गईले, ओकरा बाद उ आपन माथा उठा के मुस्कुरइले। -ओह घरी- ऊ ओह लोग से कहले, भा ऊ लोग ओकरा से कहल कि हे रसूलुल्लाह, तू काहे हँसत बाड़ू? ऊ जवाब दिहले: 'बस एगो चिट्ठी हमरा लगे उतरल बा'। एकरा बाद उ पढ़ले: -अल्लाह, परम कृपालु, परम दयालु के नाम से। सचमुच हम तोहरा के बहुत आशीर्वाद देले बानी...- श्लोक के अंत तक। जब ऊ पढ़ के खतम कइलन त पूछले कि रउरा मालूम बा कि अल कौतसर के मतलब का होला? सहाबा लोग जवाब दिहल, 'अल्लाह अवुरी उनुकर रसूलुल्लाह एकरा से जादे जानतारे'। उ कहले कि स्वर्ग में उहे नदी ह जवना के वादा हमार रब हमरा से कईले रहले। ओकरा में बहुत अच्छाई बा। एकरा में एगो झील भी बा जवना के इस्तेमाल हमार लोग कयामत के दिन पीये खातिर करेला। कांच आसमान में कई गो तारा ह'।

हदीस :

Imam Ahmad : 5905, 12874, 13009, 20364
Imam Bukhari : 6091, 6094
Imam Muslim : 4251, 4254, 4255, 4258, 4261, 4262
Imam Abu Dawud : 4122
Imam Tirmidzi : 2369
Imam Ibnu Majah : 4295