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इस्लाम अल-हक़: क़ुरआन और हदीस
(सच्चा इस्लाम)



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हदीस खोज परिणाम :
कुल हदीस : 1
प्रतिनिधि हदीस
इमाम तिर्मिदज़ी : 3690

حَدَّثَنَا أَحْمَدُ بْنُ مَنِيعٍ حَدَّثَنَا هُشَيْمٌ أَخْبَرَنَا حُصَيْنٌ عَنْ هِلَالِ بْنِ يَسَافٍ عَنْ عَبْدِ اللَّهِ بْنِ ظَالِمٍ الْمَازِنِيِّ عَنْ سَعِيدِ بْنِ زَيْدِ بْنِ عَمْرِو بْنِ نُفَيْلٍ أَنَّهُ قَالَأَشْهَدُ عَلَى التِّسْعَةِ أَنَّهُمْ فِي الْجَنَّةِ وَلَوْ شَهِدْتُ عَلَى الْعَاشِرِ لَمْ آثَمْ قِيلَ وَكَيْفَ ذَلِكَ قَالَ كُنَّا مَعَ رَسُولِ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ بِحِرَاءَ فَقَالَ اثْبُتْ حِرَاءُ فَإِنَّهُ لَيْسَ عَلَيْكَ إِلَّا نَبِيٌّ أَوْ صِدِّيقٌ أَوْ شَهِيدٌ قِيلَ وَمَنْ هُمْ قَالَ رَسُولُ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ وَأَبُو بَكْرٍ وَعُمَرُ وَعُثْمَانُ وَعَلِيٌّ وَطَلْحَةُ وَالزُّبَيْرُ وَسَعْدٌ وَعَبْدُ الرَّحْمَنِ بْنُ عَوْفٍ قِيلَ فَمَنْ الْعَاشِرُ قَالَ أَنَاقَالَ أَبُو عِيسَى هَذَا حَدِيثٌ حَسَنٌ صَحِيحٌ وَقَدْ رُوِيَ مِنْ غَيْرِ وَجْهٍ عَنْ سَعِيدِ بْنِ زَيْدٍ عَنْ النَّبِيِّ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ حَدَّثَنَا أَحْمَدُ بْنُ مَنِيعٍ حَدَّثَنَا الْحَجَّاجُ بْنُ مُحَمَّدٍ حَدَّثَنِي شُعْبَةُ عَنْ الْحُرِّ بْنِ الصَّيَّاحِ عَنْ عَبْدِ الرَّحْمَنِ بْنِ الْأَخْنَسِ عَنْ سَعِيدِ بْنِ زَيْدٍ عَنْ النَّبِيِّ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ نَحْوَهُ بِمَعْنَاهُ قَالَ هَذَا حَدِيثٌ حَسَنٌ

हमें बताया है [अहमद बिन मानी] ने हमें बताया है [हुसय्यम] ने हमें बताया है [हुशैन] [हिलाल बिन यासफ] से [अब्दुल्ला बिन दललिम अल मज़ीनी] से [सईद बिन ज़ैद बिन अमरू बिन नुफैल] ने कि उसने कहा; "मैंने नौ लोगों के खिलाफ गवाही दी कि उन्हें स्वर्ग में प्रवेश करने की गारंटी थी और यदि मैंने दस लोगों के खिलाफ गवाही दी, तो मैं पाप नहीं करूंगा।" इसमें कहा गया है; "यह कैसे हो सकता है?" उसने उत्तर दिया; "हम एक बार रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम के साथ (गुफा) हिरा में थे, फिर उन्होंने कहा: "शांत रहो, ऐ (गुफा) हिरा, तुमसे ऊपर कोई नहीं है सिवाय एक पैगंबर, एक शिद्दीक (ईमानदार) या एक शहीद के।" उन्होंने कहा; "वे कौन हैं?" उन्होंने जवाब दिया; (वे थे) रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम, अबू बक्र, उमर, उस्मान, अली, तल्हा, ज़ुबैर, साद और अब्दुर्रहमान बिन औफ।" इसमें लिखा है; "दसवां कौन है?" उन्होंने जवाब दिया; "मैं।" अबू ईसा ने कहा; "यह हदीस एक हसन शाहीह हदीस है।" और यह हदीस सईद बिन ज़ैद से पैगंबर सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम से कई चैनलों से भी सुनाई गई है। मतलब, उन्होंने कहा; "यह हदीस एक हसन हदीस है।"

समर्थक हदीस :


इमाम अबू दाऊद : 4030
इमाम तिर्मिदज़ी : 3690
इमाम इब्नु माजा : 130