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इस्लाम अल-हक़: क़ुरआन और हदीस
(सच्चा इस्लाम)



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हदीस खोज परिणाम :
कुल हदीस : 1
प्रतिनिधि हदीस
इमाम अबू दाऊद : 3757

حَدَّثَنَا مُسَدَّدٌ وَهَنَّادٌ الْمَعْنَى قَالَ مُسَدَّدٌ حَدَّثَنَا أَبُو الْأَحْوَصِ حَدَّثَنَا فُرَاتٌ الْقَزَّازُ عَنْ عَامِرِ بْنِ وَاثِلَةَ وَقَالَ هَنَّادٌ عَنْ أَبِي الطُّفَيْلِ عَنْ حُذَيْفَةَ بْنِ أَسِيدٍ الْغِفَارِيِّ قَالَكُنَّا قُعُودًا نَتَحَدَّثُ فِي ظِلِّ غُرْفَةٍ لِرَسُولِ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ فَذَكَرْنَا السَّاعَةَ فَارْتَفَعَتْ أَصْوَاتُنَا فَقَالَ رَسُولُ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ لَنْ تَكُونَ أَوْ لَنْ تَقُومَ السَّاعَةُ حَتَّى يَكُونَ قَبْلَهَا عَشْرُ آيَاتٍ طُلُوعُ الشَّمْسِ مِنْ مَغْرِبِهَا وَخُرُوجُ الدَّابَّةِ وَخُرُوجُ يَأْجُوجَ وَمَأْجُوجَ وَالدَّجَّالُ وَعِيسَى ابْنُ مَرْيَمَ وَالدُّخَانُ وَثَلَاثَةُ خُسُوفٍ خَسْفٌ بِالْمَغْرِبِ وَخَسْفٌ بِالْمَشْرِقِ وَخَسْفٌ بِجَزِيرَةِ الْعَرَبِ وَآخِرُ ذَلِكَ تَخْرُجُ نَارٌ مِنْ الْيَمَنِ مِنْ قَعْرِ عَدَنٍ تَسُوقُ النَّاسَ إِلَى الْمَحْشَرِ

हमें [मुसद्दद] और [हन्नाद] का मतलब बताया है, [मुसद्दद] ने कहा; हमें [अबू अल अहवाश] ने बताया है, हमें [फुरात अल कज़ाज़] ने [अमीर बिन वत्सिला] से बताया है। और [हन्नाद] ने [अबू थुफैल] से कहा [हुदज़ैफ़ा बिन असीद अल गिफ़ारी] ने कहा, "हम रसूलल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम के कमरे के किनारे एक साथ बैठे थे, जब हम क़यामत के दिन के बारे में बात कर रहे थे, हमारी आवाज़ें इतनी तेज़ थीं कि रसूलल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम ने कहा: "यह नहीं होगा, या क़यामत का दिन तब तक नहीं आएगा जब तक दस निशानियाँ न दिखें; पश्चिम से सूरज का उगना, रेंगने वाले जीवों का दिखना, गोग और मागोग का निकलना, दज्जाल, मरियम के बेटे ईसा, धुआँ और तीन भूकंप (भूस्खलन), पश्चिम, पूर्व और अरब प्रायद्वीप में भूस्खलन। और आखिरी निशानी यमन से, ईडन की ज़मीन की गहराइयों से आग का निकलना है, जो इंसानियत को समय के अंत तक ले जाएगी।"

समर्थक हदीस :

इमाम अहमद : 7952, 8092, 8494, 8910, 9376, 10229, 15555, 15557, 15558
इमाम अबू दाऊद : 3757
इमाम तिर्मिदज़ी : 2109
इमाम इब्नु माजा : 4046