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इस्लाम अल-हक़: क़ुरआन और हदीस
(सच्चा इस्लाम)



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हदीस खोज परिणाम :
कुल हदीस : 1
प्रतिनिधि हदीस
इमाम बुखारी : 4555

حَدَّثَنَا أَحْمَدُ بْنُ الْمِقْدَامِ حَدَّثَنَا الْفُضَيْلُ بْنُ سُلَيْمَانَ حَدَّثَنَا أَبُو حَازِمٍ حَدَّثَنَا سَهْلُ بْنُ سَعْدٍ رَضِيَ اللَّهُ عَنْهُ قَالَرَأَيْتُ رَسُولَ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ قَالَ بِإِصْبَعَيْهِ هَكَذَا بِالْوُسْطَى وَالَّتِي تَلِي الْإِبْهَامَ بُعِثْتُ وَالسَّاعَةُ كَهَاتَيْنِ

हमें बताया है [अहमद बिन अल मिकदम] हमें बताया है [अल फुदलैल बिन सुलेमान] हमें बताया है [अबू हाज़िम] हमें बताया है [सहल बिन सदरी] रदिअल्लाहु अन्हु, उन्होंने कहा; मैंने एक बार रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम को अपनी दो उंगलियों से इस तरह इशारा करते हुए कहते देखा - यानी बीच वाली उंगली और तर्जनी उंगली से -: "बेशक, मुझे भेजा गया है, जबकि क़यामत का दिन इन दो उंगलियों के बीच की दूरी (बीच वाली और तर्जनी उंगलियों के बीच की दूरी) जितना होगा।"

समर्थक हदीस :

इमाम अहमद : 11797, 11873, 11884, 12540, 12810, 12841, 12857, 12998, 13399, 13440, 13503, 18021, 19954, 20076, 20135, 21731, 21767, 21792, 21869
इमाम बुखारी : 4555, 4889, 6022, 6023, 6024
इमाम मुस्लिम : 5244, 5245, 5246, 5247
इमाम तिर्मिदज़ी : 2139, 2140
इमाम इब्नु माजा : 4030
इमाम दरिमी : 2641