प्रतिनिधि हदीस
इमाम बुखारी : 6582
حَدَّثَنَا إِسْمَاعِيلُ حَدَّثَنِي مَالِكٌ عَنْ أَبِي الزِّنَادِ عَنْ الْأَعْرَجِ عَنْ أَبِي هُرَيْرَةَعَنْ النَّبِيِّ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ قَالَ لَا تَقُومُ السَّاعَةُ حَتَّى يَمُرَّ الرَّجُلُ بِقَبْرِ الرَّجُلِ فَيَقُولُ يَا لَيْتَنِي مَكَانَهُ
हमें बताया गया है कि [इस्माईल] ने मुझे [मलिक] ने [अबू ज़नद] से [अल अराज] से [अबू हुरैरा] से बताया है कि पैगंबर सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम ने कहा: "प्रलय का दिन तब तक नहीं आएगा जब तक कोई किसी की कब्र के पास से गुज़रे, फिर कहे; 'काश, मैं उसकी जगह होता।'"