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Menolak menjadi imam shalat, karena tidak adanya ilmu
Imam Ahmad : 25887حَدَّثَنَا إِسْمَاعِيلُ بْنُ مُحَمَّدٍ قَالَ حَدَّثَنَا مَرْوَانُ قَالَ حَدَّثَتْنَا امْرَأَةٌ يُقَالُ لَهَا طَلْحَةُ مَوْلَاةُ بَنِي فَزَارَةَ عَنْ مَوْلَاةٍ لَهُمْ يُقَالُ لَهَا عَقِيلَةُ عَنْ سَلَامَةَ ابْنَةِ الْحُرِّ قَالَتْ سَمِعْتُ رَسُولَ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ يَقُولُ إِنَّ مِنْ أَشْرَاطِ السَّاعَةِ أَوْ فِي شِرَارِ الْخَلْقِ أَنْ يَتَدَافَعَ أَهْلُ الْمَسْجِدِ لَا يَجِدُونَ إِمَامًا يُصَلِّي بِهِمْ
ओ हमरा सभ केँ [इस्माइल बिन मुहम्मद] कहलनि, ओ हमरा सभ केँ [मरवान] कहलनि ओ कहलनि, ओ हमरा सभ केँ [थल्हाह] नामक एकटा महिलाक बारे मे कहलनि, जे बानी फजाराक पूर्व दास छलीह, [अकीलाह] नामक दास सँ [सलामह बिंत हूर] सँ ओ कहलनि, 'हम अल्लाह केर रसूलुल्लाह (सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम) केँ कहैत सुनलहुँ: 'हम, कयामत के निशानी में, या मानव जाति के सबसे खराब बात ई छै कि मस्जिद के जमावड़ा इमाम बनै लेली आगू बढ़ै सें मना करी देलकै - कैन्हेंकि ओकरा में ज्ञान के कमी छेलै - जबे तलक ओकरा नमाज में अगुवाई करै वाला इमाम नै मिललै।'