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इस्लाम अल-हक़: क़ुरआन और हदीस
(सच्चा इस्लाम)



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कुल हदीस : 1
प्रतिनिधि हदीस
इमाम इब्नु माजा : 1444

حَدَّثَنَا إِسْمَعِيلُ بْنُ أَسَدٍ حَدَّثَنَا مُعَاوِيَةُ بْنُ عَمْرٍو حَدَّثَنَا أَبُو إِسْحَقَ الْفَزَارِيُّ عَنْ خَالِدٍ الْحَذَّاءِ عَنْ أَبِي قِلَابَةَ عَنْ قَبِيصَةَ بْنِ ذُؤَيْبٍ عَنْ أُمِّ سَلَمَةَ قَالَتْدَخَلَ رَسُولُ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ عَلَى أَبِي سَلَمَةَ وَقَدْ شَقَّ بَصَرُهُ فَأَغْمَضَهُ ثُمَّ قَالَ إِنَّ الرُّوحَ إِذَا قُبِضَ تَبِعَهُ الْبَصَرُ

हमसे कहा है [इस्माईल बिन असद] ने कहा, हमसे कहा है [मुअविया बिन अम्रु] ने कहा, हमसे कहा है [अबू इसहाक अल फजारी] से [खालिद अल हद्ज़दज़ा] से [अबू क़िलाबा] से [क़बीशाह बिन दज़ुऐब] से [उम्मू सलमा] ने कहा, "अल्लाह के रसूल सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम अबू सलमा से मिले, जबकि उनकी आँखें खुली थीं। तो उन्होंने इसे बंद कर दिया और कहा: "अगर आत्मा को निकाल लिया जाता है तो आँखें उसके पीछे आएंगी।"

समर्थक हदीस :


इमाम अहमद : 25332
इमाम मुस्लिम : 1528
इमाम इब्नु माजा : 1444