हदीस
Wasiat untuk membaca doa ketika menghadapi sakaratul maut
Imam Tirmidzi : 900حَدَّثَنَا قُتَيْبَةُ حَدَّثَنَا اللَّيْثُ عَنْ ابْنِ الْهَادِ عَنْ مُوسَى بْنِ سَرْجِسَ عَنْ الْقَاسِمِ بْنِ مُحَمَّدٍ عَنْ عَائِشَةَ أَنَّهَا قَالَتْرَأَيْتُ رَسُولَ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ وَهُوَ بِالْمَوْتِ وَعِنْدَهُ قَدَحٌ فِيهِ مَاءٌ وَهُوَ يُدْخِلُ يَدَهُ فِي الْقَدَحِ ثُمَّ يَمْسَحُ وَجْهَهُ بِالْمَاءِ ثُمَّ يَقُولُ اللَّهُمَّ أَعِنِّي عَلَى غَمَرَاتِ الْمَوْتِ أَوْ سَكَرَاتِ الْمَوْتِقَالَ أَبُو عِيسَى هَذَا حَدِيثٌ غَرِيبٌ
हमनी के [कुतैबा] बतवले बा, [अल लैतस] से [इब्न अल हद] से [मूसा बिन सूरैज] से [अल कासिम बिन मुहम्मद] से ['ऐसिया] से बतवले बा कहले बा; 'हम अल्लाह के रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम के मौत के समय देखले रहनी, उनुका बगल में पानी से भरल बर्तन रहे। ऊ आपन हाथ बर्तन में डाल दिहलन, फेर पढ़त घरी माथे पर धो लिहलन: अल्लाहुम्मा अ'इन्नी 'आला घामरतिल मौत औ सकरातिल मौत -हे अल्लाह, सकरातुल मौत के सामना करे में हमार मदद करीं-''। अबू ईसा कहले कि; 'ई एगो घररीब हदीस ह'।