प्रतिनिधि हदीस
इमाम बुखारी : 5956
حَدَّثَنَا أَبُو عَاصِمٍ عَنْ ابْنِ جُرَيْجٍ عَنْ عَطَاءٍ قَالَ سَمِعْتُ ابْنَ عَبَّاسٍ رَضِيَ اللَّهُ عَنْهُمَا يَقُولُسَمِعْتُ النَّبِيَّ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ يَقُولُ لَوْ كَانَ لِابْنِ آدَمَ وَادِيَانِ مِنْ مَالٍ لَابْتَغَى ثَالِثًا وَلَا يَمْلَأُ جَوْفَ ابْنِ آدَمَ إِلَّا التُّرَابُ وَيَتُوبُ اللَّهُ عَلَى مَنْ تَابَ
उन्होंने हमें [अबू आशिम] [इब्न जुरईज] से [अथा] से बताया; मैंने [इब्न अब्बास] रदियल्लाहु अन्हुमा को कहते सुना; मैंने पैगंबर सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम को कहते सुना: "अगर आदम के बेटे के पास दो पहाड़ियों के बराबर भी दौलत होती, तो वह ज़रूर तीसरी पहाड़ी पाने की उम्मीद करता, और आदम के बेटे का पेट सिर्फ़ मिट्टी से भरता, और अल्लाह तौबा कबूल करता है।"