प्रतिनिधि हदीस
इमाम बुखारी : 55
حَدَّثَنَا مُسَدَّدٌ قَالَ حَدَّثَنَا يَحْيَى عَنْ إِسْمَاعِيلَ قَالَ حَدَّثَنِي قَيْسُ بْنُ أَبِي حَازِمٍ عَنْ جَرِيرِ بْنِ عَبْدِ اللَّهِ قَالَبَايَعْتُ رَسُولَ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ عَلَى إِقَامِ الصَّلَاةِ وَإِيتَاءِ الزَّكَاةِ وَالنُّصْحِ لِكُلِّ مُسْلِمٍ
हमें बताया है [मुसद्दद] ने कहा, हमें बताया है [याह्या] ने [इस्माइल] से कहा, मुझे बताया है [क़ैस बिन अबू हाज़िम] ने [जरीर बिन अब्दुल्लाह] से कहा: "मैंने नमाज़ को कायम रखने, ज़कात देने और हर मुसलमान को सलाह देने के लिए अल्लाह के रसूल के प्रति निष्ठा की प्रतिज्ञा की है।"