Hadith Representative
Nadzar tidak dapat menolak takdir, hanyasannya nadzar itu adalah sesuatu yang dikeluarkan dari seorang yang bakhil
Imam Tirmidzi : 1458حَدَّثَنَا قُتَيْبَةُ حَدَّثَنَا عَبْدُ الْعَزِيزِ بْنُ مُحَمَّدٍ عَنْ الْعَلَاءِ بْنِ عَبْدِ الرَّحْمَنِ عَنْ أَبِيهِ عَنْ أَبِي هُرَيْرَةَ قَالَقَالَ رَسُولُ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ لَا تَنْذِرُوا فَإِنَّ النَّذْرَ لَا يُغْنِي مِنْ الْقَدَرِ شَيْئًا وَإِنَّمَا يُسْتَخْرَجُ بِهِ مِنْ الْبَخِيلِقَالَ وَفِي الْبَاب عَنْ ابْنِ عُمَرَ قَالَ أَبُو عِيسَى حَدِيثُ أَبِي هُرَيْرَةَ حَدِيثٌ حَسَنٌ صَحِيحٌ وَالْعَمَلُ عَلَى هَذَا عِنْدَ بَعْضِ أَهْلِ الْعِلْمِ مِنْ أَصْحَابِ النَّبِيِّ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ وَغَيْرِهِمْ كَرِهُوا النَّذْرَ و قَالَ عَبْدُ اللَّهِ بْنُ الْمُبَارَكِ مَعْنَى الْكَرَاهِيَةِ فِي النَّذْرِ فِي الطَّاعَةِ وَالْمَعْصِيَةِ وَإِنْ نَذَرَ الرَّجُلُ بِالطَّاعَةِ فَوَفَّى بِهِ فَلَهُ فِيهِ أَجْرٌ وَيُكْرَهُ لَهُ النَّذْرُ
हमरा सभकेँ [कुतैबा] कहलक अछि, हमरा सभकेँ [अब्दुल अजीज बिन मुहम्मद] [अल अला बिन अब्दुररहमान] सँ [अपन पिता] सँ [अबू हुरैरा] सँ कहलक अछि, ओ कहलनि, 'रसुलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि वस्ल्लम कहलनि: 'नज़र नहि करू, कारण नज़र भाग्य केँ कनिको नहि बदलि सकैत अछि।' बस एतबे जे नज़र नटखट लोक स अबैत अछि। ओ कहलनि जे, 'एहि अध्याय मे इब्न उमर सँ सेहो एहने हदीस अछि'। अबू ईसा कहलनि जे अबू हुरैरा के ई हदीस हसन प्रामाणिक अछि। आरू ई पैगम्बर सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम केरऽ साथी म॑ स॑ कुछ विद्वानऽ के अनुसार दान केरऽ दिशा-निर्देश बनी गेलऽ छै । नाद्जर उतारि देलक। अब्दुल्ला इब्नुल मुबारक कहलनि; 'डिमक्रुकन नद्जर के अर्थ आज्ञाकारिता आ अवज्ञा के संदर्भ में छै।' जँ कोनो आदमी आज्ञाकारिता के अंजाम देबाक प्रण लेत आ फेर ओकरा व्यवहार मे उतारत तखन ओकरा इनाम भेटतैक। मुदा, ओकरा लेल नद्जर लेबय के अनुमति नहिं छैक'.