Hadith Representative
Allah tidak akan berbicara dengan tiga golongan pada hari kiamat, salah satunya orang yang bersumpah dusta untuk menipu dagangan
Imam Abu Dawud : 3565حَدَّثَنَا حَفْصُ بْنُ عُمَرَ حَدَّثَنَا شُعْبَةُ عَنْ عَلِيِّ بْنِ مُدْرِكٍ عَنْ أَبِي زُرْعَةَ بْنِ عَمْرِو بْنِ جَرِيرٍ عَنْ خَرَشَةَ بْنِ الْحُرِّ عَنْ أَبِي ذَرٍّعَنْ النَّبِيِّ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ أَنَّهُ قَالَ ثَلَاثَةٌ لَا يُكَلِّمُهُمْ اللَّهُ وَلَا يَنْظُرُ إِلَيْهِمْ يَوْمَ الْقِيَامَةِ وَلَا يُزَكِّيهِمْ وَلَهُمْ عَذَابٌ أَلِيمٌ قُلْتُ مَنْ هُمْ يَا رَسُولَ اللَّهِ قَدْ خَابُوا وَخَسِرُوا فَأَعَادَهَا ثَلَاثًا قُلْتُ مَنْ هُمْ يَا رَسُولَ اللَّهِ خَابُوا وَخَسِرُوا فَقَالَ الْمُسْبِلُ وَالْمَنَّانُ وَالْمُنَفِّقُ سِلْعَتَهُ بِالْحَلِفِ الْكَاذِبِ أَوْ الْفَاجِرِحَدَّثَنَا مُسَدَّدٌ حَدَّثَنَا يَحْيَى عَنْ سُفْيَانَ عَنْ الْأَعْمَشِ عَنْ سُلَيْمَانَ بْنِ مُسْهِرٍ عَنْ خَرَشَةَ بْنِ الْحُرِّ عَنْ أَبِي ذَرٍّ عَنْ النَّبِيِّ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ بِهَذَا وَالْأَوَّلُ أَتَمُّ قَالَ الْمَنَّانُ الَّذِي لَا يُعْطِي شَيْئًا إِلَّا مَنَّهُ
म्हानै बतायो गयो है [हफ्श बिन उमर] कह्यो, म्हानै बतायो गयो है [स्यूबाह] सूं [अली बिन मुद्रिक] सूं [अबू ज़ुरत बिन अमरू बिन जरीर] सूं [खरास्याह इब्नुल हूर] सूं [अबू धर] सूं पैगम्बर सल्लाहु अलैहि वसल्लम सूं, उण कह्यो: पुनरुत्थान रै दिन शुद्ध नीं होवैला अर बां रै वास्तै एक दर्दनाक सजा होवैला'। मैं पूछ्यो, 'हे अल्लाह रा रसूल, वे कुण है? वे कितरा बर्बादी अर नुकसान है!? बां तीन बार आ बातां दोहराई, म्हैं फेरूं पूछ्यो, 'हे अल्लाह रा रसूल, वै कुण है? वे कितरा बर्बादी अर नुकसान है!? उण जवाब दियो: 'वे लोग आपरा कपड़ा फैलावै है, लोग आपरा भेंटां नै ऊपर उठावै है अर लोग है जका झूठी कसम खा'र आपरो सामान बेचै है'। म्हानै बतायो है [मुसद्दाद] कैयो है, म्हानै बतायो है [यह्या] सूं [सुफियान] सूं [सुलेमान बिन मुशीर] सूं [खरास्याह इब्नुल हूर] सूं [अबू ज़ार] सूं पैगम्बर सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम सूं, जियां कै इण हदीस में है। हालांकि, पैलो इतिहास ज्यादा सिद्ध है, अबू ज़ार कह्यो, 'अल मन्नान एक असो मिनख हो जिणनै वापसी री उम्मीद रै अलावा और कीं नीं दियो'।