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इस्लाम अल-हक़: क़ुरआन और हदीस
(सच्चा इस्लाम)



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कुल हदीस : 1
प्रतिनिधि हदीस
इमाम मुस्लिम : 3537

حَدَّثَنَا عَبْدُ اللَّهِ بْنُ عَبْدِ الرَّحْمَنِ بْنِ بَهْرَامٍ الدَّارِمِيُّ حَدَّثَنَا أَبُو الْوَلِيدِ الطَّيَالِسِيُّ حَدَّثَنَا لَيْثٌ يَعْنِي ابْنَ سَعْدٍ عَنْ أَيُّوبَ بْنِ مُوسَى عَنْ مَكْحُولٍ عَنْ شُرَحْبِيلَ بْنِ السِّمْطِ عَنْ سَلْمَانَ قَالَ سَمِعْتُ رَسُولَ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ يَقُولُ رِبَاطُ يَوْمٍ وَلَيْلَةٍ خَيْرٌ مِنْ صِيَامِ شَهْرٍ وَقِيَامِهِ وَإِنْ مَاتَ جَرَى عَلَيْهِ عَمَلُهُ الَّذِي كَانَ يَعْمَلُهُ وَأُجْرِيَ عَلَيْهِ رِزْقُهُ وَأَمِنَ الْفَتَّانَ حَدَّثَنِي أَبُو الطَّاهِرِ أَخْبَرَنَا ابْنُ وَهْبٍ عَنْ عَبْدِ الرَّحْمَنِ بْنِ شُرَيْحٍ عَنْ عَبْدِ الْكَرِيمِ بْنِ الْحَارِثِ عَنْ أَبِي عُبَيْدَةَ بْنِ عُقْبَةَ عَنْ شُرَحْبِيلَ بْنِ السِّمْطِ عَنْ سَلْمَانَ الْخَيْرِ عَنْ رَسُولِ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ بِمَعْنَى حَدِيثِ اللَّيْثِ عَنْ أَيُّوبَ بْنِ مُوسَى

हमें बताया है [अब्दुल्ला बिन अब्दुर्रहमान बिन बहराम विज्ञापन दारीमी] ने हमें बताया है [अबू अल वालिद अत थयालिसी] ने हमें बताया है [लैट्स] -अर्थात इब्न साद- [अय्यूब बिन मूसा] से [मखुल] से [स्यूराबिल बिन अस सिमथ] से [सलमान] ने कहा, "मैंने एक बार रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम को कहते सुना: "रिबाथ (सीमा पर निगरानी) एक दिन और एक रात एक पूरे महीने के उपवास और रात में प्रार्थना करने से बेहतर है, यदि वह मर जाता है तो उसके कर्म जारी रहेंगे जैसे वह एक बार करता था, उसकी आजीविका भी बहती रहेगी और वह बदनामी से मुक्त हो जाएगा।" हमें बताया है [अबू अत ताहिर] ने हमें बताया है [इब्न वहब] [अब्दुर्रहमान बिन स्यूराह] से [अब्दुल करीम बिन अल हारिथ] से [अबू 'उबैदाह बिन' उकबा] से [स्यूराबिल बिन अस सिमथ] [सलमान अल खैर] से रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम से, अय्यूब बिन मूसा से हदीस लैट्स का अर्थ।"

समर्थक हदीस :

इमाम अहमद : 6366, 22619
इमाम मुस्लिम : 3537