Hadith Representative
Malaikat mendoakan Rahmat untuk orang yang tetap di tempat shalat
Imam Nasa'i : 725أَخْبَرَنَا قُتَيْبَةُ عَنْ مَالِكٍ عَنْ أَبِي الزِّنَادِ عَنْ الْأَعْرَجِ عَنْ أَبِي هُرَيْرَةَأَنَّ رَسُولَ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ قَالَ إِنَّ الْمَلَائِكَةَ تُصَلِّي عَلَى أَحَدِكُمْ مَا دَامَ فِي مُصَلَّاهُ الَّذِي صَلَّى فِيهِ مَا لَمْ يُحْدِثْ اللَّهُمَّ اغْفِرْ لَهُ اللَّهُمَّ ارْحَمْهُ
हमरा सब के [कुतैबाह] के [मलिक] स [अबू जिनाद] स [अल अ'राज] स [अबू हुरैरा] स, जे अल्लाह के रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम कहलनि: 'फरिश्ता सब अहाँ सब में स एकटा के सलावत दैत छथि -नमाज करू-, जाबत तक ओ एखनो नमाज के जगह पर अछि, जाबत तक नमाज रद्द नै भेल अछि। स्वर्गदूत सब प्रार्थना केलनि जे हे अल्लाह हुनका माफ करू आ हुनका पर दया करू''।